प्रशासन की अनदेखी के चलते प्रवासी मजदूर पैदल जाने को हो रहे हैं मजबूर
मलसीसर,(रमेश शर्मा)16 मई। उपखंड क्षेत्र में रह रहे उत्तर प्रदेश व बिहार के मजदूरों के सामने पिछले 2 माह से भोजन व अन्य सुविधाएं नहीं मिलने के कारण करना पड़ रहा है संकट का सामना। कस्बे के वार्ड नंबर 12 में रह रहे ऐसे ही एक प्रवासी मजदूर विरेंद्र ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं यहां पर पानी-पतासी का ठेला लगा कर अपना जीवन यापन करता हूं। लेकिन पिछले 2 माह से लॉक डाउन के कारण परिवार के सामने जीने का संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान मुझे प्रशासन की तरफ से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। अब मैं इस संकट के समय में अपने घर जाना चाहता हूं। इसलिए मैंने प्रशासन के सामने गुहार लगाई लेकिन ग्राम पंचायत वाले तहसील में भेज रहे हैं और तहसील वाले ग्राम पंचायत के चक्कर लगवा रहे हैं। अब मैं अपने छोटे-छोटे बच्चो को लेकर कहां जाऊ। मेरे परिवार में हम 5 सदस्य है। एक दो रोज में अगर मुझे कोई सहायता नहीं मिलती हैं तो मजबुर होकर मुझे अपने परिवार सहित पैदल ही अपने गांव के लिए निकलना होगा। ऐसे ही मलसीसर उपखंड में सात-आठ ठेला लगाने वाले और भी है। एक तरफ राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को लेकर अपने आपको संवेदनशील बता रही है और वास्तव में नजर कुछ और ही आ रहा है प्रशासन को जल्द से जल्द क्षेत्र में रह रहे बेरोजगार मजदूरों की सहायता करनी चाहिए।