पदोन्नति में संख्यात्मक अनुपात लागू करने की मांग

चिड़ावा,(विजेंद्र सिंह लमोरिया)14 मई। राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला) की ओर से मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उपखंड अधिकारी जगदीश प्रसाद गौड़ को देकर पदोन्नति में संख्यात्मक अनुपात लागू करने की मांग की गई है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजवीर सिंह डूडी के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में लिखा है कि प्रधानाचार्य पद की पदोन्नति में व्याख्याता व प्रधानाध्यापक का अनुपात 67 व 33 का है जबकि व्याख्याता की संख्या 54 हजार व प्रधानाध्यापक की संख्या मात्र 3500 है। इसलिए इनकी संख्या के अनुसार पदोन्नति दी जाए। व्याख्याता व प्रधानाध्यापक पद दोनों एक-दूसरे के समकक्ष हैं। दोनों पदों पर भर्ती 50 प्रतिशत सीधी भर्ती व 50 प्रतिशत पदोन्नति से होती है। द्वितीय श्रेणी शिक्षक की पदोन्नति स्नातकोत्तर होने पर व्याख्याता व स्नातक होने पर प्रधानाध्यापक पद पर होती है। व्याख्याता व प्रधानाध्यापक की अगली पदोन्नति उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य की होती है। इस नियम को लागू करने पर किसी भी शिक्षक संगठन का कोई विरोध नहीं होगा बल्कि अधिक शिक्षक लाभान्वित होंगे। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक मंत्री पुष्पेंद्र सैनी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र सैनी, संयोजक राजपाल सिंह, सभा अध्यक्ष विनोद शर्मा, महिला मंत्री आयना सैनी व कंचन स्वामी, सह संयोजक विकास धतरवाल आदि शामिल थे।

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