स्वर्गीय श्री नारायण राम जाखड़ की प्रथम पुण्यतिथि पर सेवा कार्य: मूक-बधिर बच्चों को भोजन एवं गौशाला में स्वामनी
सुरेंद्र शर्मा
सीकर (नवयत्न) | मानव सेवा और समाजहित की प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए जाट समाज के युवा कार्यकर्ता रजत जाखड़ ने अपने दादा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर मूक-बधिर बच्चों को भोजन करवाकर एवं गौशाला में गायों को स्वामनी (चारा/भोजन) अर्पित कर पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाया।
इस अवसर पर रजत जाखड़ ने अपने परिवारजनों एवं जाट समाज के साथियों के साथ मिलकर यह सेवा कार्य किया। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष अपने जन्मदिन पर भी अपनी टीम के साथ इसी प्रकार के सेवा कार्य करते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम में जाट समाज के संरक्षक नरेन्द्र धायल ने जाखड़ परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। इस प्रकार के कार्य समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और हर व्यक्ति को अपने जीवन में ऐसे कार्य जरूर करने चाहिए।” उन्होंने रजत जाखड़ और उनके परिवार को भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यक्रम में केशरदेव, ओम प्रकाश, हिमांशु,जलज,सुबोध,धोनी,अजय, धर्मेंद्र,नरेंद्र घायल आदि समाज के कई गणमान्य लोग एवं युवा साथी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी फैलाने में सफल रहा।