युवाओं को नौकरी के साथ स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी : राठौड़

निसं
जयपुर (नवयत्न)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना है। राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित कराई हैं। सरकार के 34 माह के कार्यकाल में 1.93 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। इसके अलावा 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 70,31 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। निजी क्षेत्र में भी पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आगामी समय में सरकारी और निजी क्षेत्र में 10 लाख रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ग्रामीण युवाओं को रोजगार तलाशने वालों के साथ रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में प्रयासरत है। आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं और प्रशिक्षुओं को रोजगार तथा स्टार्टअप से जोड़ने के प्रावधान किए जा रहे हैं। बड़े उद्योगों के माध्यम से 20 से 25 लाख रोजगार सृजित करने की योजना तैयार की गई है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों एमएसएमई और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद राजीविका से जुड़े निकायों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपए के निवेश से न्यूनतम ब्याज दर पर 10 लाख रुपए तक ऋण उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यमों, स्थानीय कारोबार और आजीविका के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। राठौड़ ने कहा कि राजीविका के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए 1,000 करोड़ रुपए और बैंक ऋण के रूप में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक उपलब्ध कराने की योजना है। राजस्थान महिला निधि के माध्यम से लखपति दीदियों को 1.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 1.50 लाख रुपए तक ऋण देने तथा 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी श्रेणी में लाने को प्राथमिकता दी जा रही है। राठौड़ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को सरकारी भर्ती, निजी रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें। महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली पहलें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होंगी।

You might also like