प्रवासी पक्षी दिवस पर जागरूकता का संदेश
नवलगढ़,(श्रवण कुमार नेचु)9 मई। इंडिया स्विच फाउंडेशन के फाउंडर आर्टिस्ट डॉ शंकर लाल सैनी ने बताया कि पक्षी विशेषज्ञ डॉ दाऊलाल बोरा द्वारा जानकारी उपलब्ध करवाई जाती जिनके माध्यम से पेंटिंग में इफेक्ट को दर्शाया जा सकें। आर्टिस्ट ने पेंटिंग के माध्यम से प्रवासी पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। उनका कहना है कि हमारी पुरानी पीढ़ी गांव की रहने वाली है तो हम गांव में कई पोखर और तालाब देखते थे जिनसे इन पक्षियों का संरक्षण को बढ़ावा मिलता था लेकिन आज वर्तमान समय में तालाब पोखर खत्म होने के साथ-साथ पक्षियों की प्रजातियां भी धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। पहले आंगन में गौरैया, कोयल, मैना की आवाज सुनने को मिलती थी, गिद्ध मुफ्त के सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते थे ये सब धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है आज इनकी कमी इतनी हो गई है कि यह विलुप्त होने लगे हैं। यह सवाल पक्षी के विलुप्त होने का नहीं बल्कि यह परिस्थितियां हमने ही पैदा की हैं जिससे प्रकृति अब विद्रोह की स्थिति में पक्षियों का संरक्षण करें इन्हें बचाने में अपना योगदान दें, घरों में गोरियों के संरक्षण के लिए परिंडे जरूर लगाएं। इस कार्य में आर्टिस्ट लक्ष्मी घोड़ेला, आर्टिस्ट नीरू तंवर आदि आर्टिस्ट पक्षियों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।