नगर निगम उदयपुर भूखंड घोटाले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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जयपुर (नवयत्न)। नगर निगम उदयपुर के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के भूखंड घोटाले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से वांछित मुख्य आरोपी विपिन कोठारी को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 15 सितंबर 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपी से फर्जी दस्तावेज तैयार करने, लीज डीड जारी करवाने और भूखंडों को आगे बेचने के संबंध में पूछताछ कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि नगर विकास प्रन्यास उदयपुर की ओर से वर्ष 2004 में हस्तांतरित किए गए भूखंडों में से कुछ खाली और निरस्त पड़े भूखंडों को इस घोटाले का निशाना बनाया गया। इन भूखंडों से संबंधित कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। जांच के अनुसार आरोपी विपिन कोठारी ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची और नगर निगम उदयपुर के अधिकारियों-कर्मचारियों से कथित साठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन भूखंडों की लीज डीड जारी करवा ली। एसओजी के मुताबिक लीज डीड जारी करवाने के बाद आरोपी ने अपने नाम मुख्तियारनामा आम (पावर ऑफ अटॉर्नी) निष्पादित करवाया। इसके बाद इन भूखंडों को अन्य लोगों को बेच दिया गया। इस तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूखंडों पर कब्जा कर उन्हें आगे हस्तांतरित करने का खेल किया गया। इस मामले में पुलिस थाना सूरजपोल में मामला दर्ज किया गया था। जांच में विपिन कोठारी के साथ विक्रम कुमार ताकड़िया, नितेश कोठारी, हेमलता कांकरिया, राकेश सोलंकी उर्फ बुक्का, निर्मल टेलर उर्फ गोपाल, भागीरथ गायरी, दीपक कुमावत, दीपक सिंह चौहान और राजदीप सिंह की संलिप्तता सामने आई है। एसओजी अब मामले में शामिल अन्य कर्मचारियों और संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और उनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी विपिन कोठारी से पूरे षड्यंत्र, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल लोगों और भूखंडों के लेनदेन से जुड़े तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। एसओजी के एसपी कुंदन कांवरिया ने बताया कि भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने, लीज डीड जारी करवाने और उन्हें आगे बेचने के इस मामले में विपिन कोठारी समेत अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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