शिकागो शहीदों की याद में संगोष्ठी, मजदूर एकता पर जोर
संजय सोनी
झुंझुनू (नवयत्न) । भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी झुंझुनू द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर शिक्षक भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिकागो के मजदूरों की शहादत को याद करते हुए श्रमिक अधिकारों पर चर्चा की गई।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता सीपीआई(एम) प्रदेश सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड फूलचंद बर्बर ने संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों ने सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद जो अधिकार हासिल किए, उन्हें वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम कानूनों में बदलाव कर मजदूरों को फिर से शोषण की स्थिति में धकेला जा रहा है।
कॉमरेड बर्बर ने 1886 के शिकागो हेमार्केट घटना का उल्लेख करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि 1 मई 1886 को अमेरिका में 8 घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल शुरू हुई थी और 4 मई को हेमार्केट स्क्वायर में हुई घटना में कई मजदूर शहीद हुए। बाद में मजदूर नेताओं—अगस्त स्पाइस, अल्बर्ट पार्सन्स, एडोल्फ फिशर और जॉर्ज एंगेल—को फांसी दी गई। उनके बलिदान ने विश्वभर में मजदूर आंदोलन को मजबूती दी और इसी की स्मृति में हर वर्ष 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉमरेड सुमेर बुड़ानिया ने कहा कि शिकागो के शहीदों का संघर्ष आज भी श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इन अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
गोष्ठी को भारत की जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ जानू, किसान सभा के जिलाध्यक्ष गिरधारी लाल महला, जिला महासचिव मदन यादव, सीपीआई(एम) जिला सचिव मंडल सदस्य बिलाल कुरैशी, नवलगढ़ तहसील सचिव धन्ना राम सैनी एवं किसान नेता सुरेश महला ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर नौजवान सभा के जिला सचिव, एसएफआई प्रदेश उपाध्यक्ष अनीश धायल, किसान सभा मलसीसर तहसील अध्यक्ष देवकीनंदन बसेरा, सुरेश पूनिया, अरविंद गढ़वाल, शाहिद चैनपुरा, प्रमोद स्वामी, नरेंद्र पायल, सोयब खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सीपीआई(एम) जिला सचिव कॉमरेड राजेश बिजारणिया ने किया।