एसआई भर्ती पेपर लीक मामला: दस हजार का इनामी अभ्यर्थी गिरफ्तार

निसं

जयपुर (नवयत्न)। उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 10 हजार रुपए के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे अभ्यर्थी मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले ही लीक हुए प्रश्नपत्र के प्रश्न-उत्तर पढ़कर लिखित परीक्षा दी थी और असामान्य रूप से अधिक अंक हासिल किए थे। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी थाने में दर्ज प्रकरण की जांच में सामने आया कि डीडवाना-कुचामन जिले के सागू छोटी निवासी मनीष दाधीच (30) ने आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए प्रश्नपत्र का लाभ लिया था।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित मनीष को लीक प्रश्नपत्र उसके भाई पुरुषोत्तम दाधीच, जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उदयपुर में सहायक लेखाधिकारी प्रथम है तथा संदीप कुमार लाटा सहायक लेखाधिकारी प्रथम (कोष एवं लेखा विभाग जयपुर) के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। दोनों आरोपितों ने कटारा से प्राप्त प्रश्नपत्र अपने परिचितों को पढ़वाया था।

एसओजी के अनुसार लीक प्रश्न पत्र पढ़ने का असर मनीष के परिणाम में स्पष्ट दिखाई दिया। उसने हिंदी विषय में 200 में से 170.08 अंक तथा सामान्य ज्ञान (जीके) में 200 में से 158.69 अंक प्राप्त किए। हालांकि लिखित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह साक्षात्कार में न्यूनतम निर्धारित अंक हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते अंतिम चयन सूची में उसका नाम शामिल नहीं हो पाया।

इस पेपर लीक नेटवर्क में शामिल मनीष के भाई पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 तथा संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी ने दोनों के खिलाफ 31 जुलाई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र भी पेश कर दिया था। वर्तमान में दोनों आरोपी निलंबित हैं और उच्चतम न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं।

वहीं फरार चल रहे मनीष दाधीच पर एसओजी की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 23 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मामले में उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि राजस्थान की चर्चित एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी अब तक 147 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की परतें खोलने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी हुई है।

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