फर्जी आरजीएचएस अधिकारी बन अस्पताल की ऑडिट के नाम पर 40 हजार लेते संदिग्ध डिटेन
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जयपुर (नवयत्न)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फर्जी आरजीएचएस अधिकारी बनकर अस्पताल की ऑडिट कराने के नाम पर रिश्वत लेने वाले संदिग्ध को 40 हजार रुपए प्राप्त करने के बाद डिटेन किया है। एसीबी चौकी जयपुर नगर-तृतीय, जयपुर इकाई ने मुख्यालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की। संदिग्ध की पहचान मनीष कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में जगतपुरा स्थित बंशीपुरी प्रथम में रह रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को शिकायत मिली थी कि डीडवाना, जिला नागौर स्थित एसकेआई हॉस्पिटल की ऑडिट कराने की एवज में मनीष कुमार शर्मा ने पहले 35 हजार रुपए और बाद में राशि बढ़ाकर 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। ट्रैप कार्रवाई के दौरान संदिग्ध ने परिवादी से 40 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त कीए जिसके बाद एसीबी टीम ने उसे डिटेन कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मनीष कुमार शर्मा ने एआई की सहायता से संतोष कुमार शर्मा के नाम से आरजीएचएस में डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर पदनाम का फर्जी पहचान पत्र तैयार किया था। इसके अलावा एसकेआई हॉस्पिटल, डीडवाना, नागौर के नाम से पत्र क्रमांक 3350 दिनांक 22 अगस्त 2026 भी तैयार किया गया। संदिग्ध ने फर्जी पहचान पत्र और पत्र अस्पताल के मैनेजर को दिखाकर पहले 35 हजार और बाद में 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इसके साथ ही उसने खुद को आरजीएचएस में यूडीसी के पद पर होना बताते हुए परिवादी से 40 हजार रुपए प्राप्त किए। एसीबी के अनुसार संदिग्ध को डिटेन करने के बाद उसका नाम और पदनाम भी फर्जी पाया गया। वह लोक सेवक भी नहीं है। प्रथम दृष्टया मामले में धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और प्रतिरूपण के तथ्य सामने आए हैं।