बरसात से बह गई सड़क किनारे बनी दीवार
निसं
खेतड़ी (नवयत्न)। खेतड़ी क्षेत्र की नानुवाली बावड़ी में निर्माणाधीन सड़क किनारे बनी दीवार पहली बरसात भी नहीं झेल पाई। बरसात के साथ दीवार बह जाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही एवं अनियमितता के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य अभी शुरुआती चरण में ही है, लेकिन इसमें कई खामियां दिखाई दे रही हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के दोनों ओर सुरक्षा एवं मजबूती के लिए दीवारें बनाई जानी थीं, लेकिन ठेकेदार द्वारा यह कार्य नहीं किया जा रहा है। वहीं जहां निर्माण कार्य किया गया है, वहां भी घटिया सामग्री उपयोग में लेने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीण संजय सैनी ने बताया कि गांव के लोगों को लंबे समय से सड़क निर्माण का इंतजार था। करीब बीस वर्षों बाद यह सड़क बन रही है, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता का अभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से कार्य की निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में सड़क जल्दी खराब हो सकती है और सरकारी धन का दुरुपयोग होगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार पुरानी सड़क को पूरी तरह उखाड़ने के बजाय उसी के ऊपर नई सड़क बना रहा है, जो तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि पुरानी सड़क को हटाकर मानकों के अनुसार नई सड़क का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा सड़क किनारे बनाई गई दीवार में भी तय सामग्री का उपयोग नहीं किया गया, जिसके चलते पहली बरसात के साथ दीवार बह गई। दिवार के गिर जाने से बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। सड़क से रोजाना वाहन निकलते हैं जिससे हादसे का भय बन गया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन में अनिल सैनी, बनवारी लाल, मुकेश, सत्यवीर, जगदीश प्रसाद, सुमेर सैनी, लालचंद सैनी, नरोत्तम सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
इनका कहना है
दीवार के पास पानी भर जाने वह डेमेज होने के कारण गिर गई। दीवार का दोबारा से निर्माण करवा दिया जाएगा।
प्रणव कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी खेतड़ी