मंगल कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । कस्बे में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। यह आयोजन शकुंतला देवी – महावीर प्रसाद शर्मा की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र सुशील शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, मनोज शर्मा, भुवनेश्वर शर्मा एवं समस्त परिवारजनों द्वारा कराया जा रहा है। कथा के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल राम विद्यालय पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा जयकारों एवं भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा स्थल पर ऋषिकेश से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक हरिशरण महाराज ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का प्रथम दिवस का रसपूर्ण वर्णन किया। महाराज श्री ने कथा के दौरान कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य गंगा है। पहले दिन की कथा में भागवत महात्म्य, सत्संग की महिमा, मानव जीवन का उद्देश्य तथा भगवान भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला गया। महाराज श्री ने कहा कि कलियुग में भगवान प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग सत्संग, सेवा और हरिनाम संकीर्तन है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन के दुःख दूर होते हैं तथा आत्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने भक्तों को लोभ, मोह और अहंकार से दूर रहकर धर्म एवं संस्कारों से जुड़ने का संदेश दिया। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 12:15 बजे से “प्रभु इच्छा तक” निर्धारित किया गया है। वहीं प्रतिदिन प्रातः 5 बजे प्रभात फेरी एवं अमृत प्रवचन का आयोजन भी किया जाएगा। कथा के मुख्य यजमान सुशील कुमार शर्मा सहपत्नीक रहे। इस अवसर पर अनेकों संख्या में श्रद्धालु गण मौजूद रहे।