पुरुषोत्तम माह की पद्मिनी एकादशी आज
डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न)। प्रथम ज्येष्ठ अधिकमास की पुरुषोत्तम एकादशी बुधवार को पद्मिनी एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। इस बार चित्रा-स्वाति नक्षत्र, बुधवार और चंद्रमा के विशेष गोचर का दुर्लभ संयोग बनने से इसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। मंदिरों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना, आरती एवं भजन-कीर्तन होंगे।
पंडित बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि इस बार ग्रह-नक्षत्रों का विशेष योग साधना, मंत्र जाप, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत, जप और दान करने से सामान्य दिनों की तुलना में 10 गुना अधिक पुण्यफल प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास में आने वाली यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे दुर्लभ और प्रभावशाली एकादशियों में मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा मानसिक तनाव, आर्थिक बाधाएं और पारिवारिक परेशानियों से राहत मिलती है। श्रद्धालु जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान भी करेंगे।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन विशेष माना जा रहा है। बुधवार, हस्त और चित्रा नक्षत्र के प्रभाव के साथ चंद्रमा का कन्या और तुला राशि में गोचर मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वृषभ, कन्या, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा तथा धन लाभ, करियर में प्रगति और मानसिक शांति के योग बनेंगे।