45 लाख की बैंक लिमिट पर 6.60 करोड़ का लेनदेनः सॉफ्टवेयर की खामी का फायदा उठाया, व्यापारी गिरफ्तार

श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न) । नोखा में एक व्यापारी ने एसबीआई बैंक की तकनीकी खामी का फायदा उठाते हुए 45 लाख की लिमिट वाले बैंक खाते से 6.60 करोड़ का लेनदेन कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

17 दिन में जारी किए चेक

थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया- सांडवा थाना क्षेत्र के नब्बासर निवासी अमृतलाल जाट का
नोखा स्थित एसबीआई शाखा में मैसर्स श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज के नाम से सीसी लिमिट खाता है। बैंक द्वारा उसे 45 लाख रुपए की क्रेडिट सीमा स्वीकृत की गई थी। आरोपी ने बैंक के भुगतान सिस्टम और सॉफ्टवेयर अलर्ट में मौजूद तकनीकी खामी का फायदा उठाया।
उसने 3 दिसंबर 2024 से 20 दिसंबर 2024 के बीच विभिन्न फर्मों के नाम करोड़ों रुपए के चेक जारी किए। इस दौरान आरोपी ने कुल 6 करोड़ 60 लाख 63 हजार 305 रुपए का लेनदेन किया, जो स्वीकृत सीमा से लगभग 13 गुना अधिक था।

15 दिन बाद बैंक को पता चला

बैंक के सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी के कारण निर्धारित सीमा से अधिक भुगतान होने के बावजूद कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ। करीब 15 दिन बाद 21 दिसंबर 2024 को ऑनलाइन सिस्टम से अलर्ट मिलने पर बैंक अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया। खाते की जांच में पता चला कि 45 लाख रुपए की लिमिट वाले खाते में 5 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की बकाया राशि हो चुकी थी। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने खाताधारक से संपर्क किया। आरोपी ने बाद में करीब 2 करोड 50 लाख रुपए बैंक में जमा भी करवाए।

दिसंबर 2024 में दर्ज हुआ था मामला

एसबीआई शाखा सदर बाजार नोखा के शाखा प्रबंधक आनंद व्यास ने 28 दिसंबर 2024 को नोखा थाने में मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी अमृतलाल जाट ने बैंक को धोखा देने की नीयत से आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए अपनी निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक राशि विभिन्न फर्मों को चेक के माध्यम से ट्रांसफर करवाई। बैंक ने आशंका जताई थी कि आरोपी ने अन्य फर्मों और व्यक्तियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया। रिपोर्ट में संबंधित फर्मों के खातों पर होल्ड लगाने और राशि बरामद करवाने की मांग भी की गई थी।

कई फर्मों के खातों में ट्रांसफर हुई रकम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने राजस्थान एग्रो, श्री सांवरिया सेठ एग्री एक्सपोर्ट, धरती एग्रो एक्सपोर्ट, कैस्ट्रोल एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज और स्वास्तिक एक्सपोर्ट्स सहित कई फर्मों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 3 दिसंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच आरोपी के खाते में करीब 2 करोड़ 14 लाख रुपए विभिन्न माध्यमों से जमा भी हुए थे।
आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर

थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच के दौरान बैंक प्रबंधन और खाताधारक को कई बार नोटिस देकर बुलाया गया तथा पर्याप्त समय दिया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी अमृतलाल जाट निवासी नब्बासर, थाना सांडवा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिलहाल तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है, जहां उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और फर्मों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
आरोपी का बेटा सरपंच

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमृतलाल जाट नब्बा ग्राम पंचायत में प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है। उसका पुत्र हाल ही में सरपंच चुना गया है, जबकि इससे पहले उसकी पत्नी भी गांव की सरपंच रह चुकी है। इसी कारण आरोपी का गांव में अच्छा खासा रसूख बताया जा रहा है। बैंक मैनेजर का दावा-3.18 करोड़ की रिकवरी एसबीआई बैंक मैनेजर आनंद व्यास के अनुसार अभियुक्त अमृतलाल सारण ने बैंक के सीसी लिमिट खाते में सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी का फायदा उठाकर स्वीकृत सीमा 45 लाख रुपए के विरुद्ध कुल 6 करोड़ 60 लाख 3 हजार 305 रुपए निकाल लिए।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुल 3.44 करोड़ रुपए अपने एवं रिश्तेदारों के खातों में जमा करवाए, जबकि शेष राशि से मंडी व्यापारियों से माल उठाया गया। इस मामले में आरोपी का भतीजा ओम सारण भी शामिल बताया जा रहा है, जिसने करीब 1.65 करोड़ रुपए अपनी फर्म और निजी खातों में प्राप्त किए। शाखा प्रबंधक ने दावा किया कि बैंक के सजग प्रयासों से अब तक कुल 3.18 करोड़ रुपए की रिकवरी की जा चुकी है।

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