विकास मंच ने इस बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का थामा दामन, 45 वार्डों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी
निसं
नोखा (नवयत्न)। नगर पालिका चुनाव को लेकर नोखा में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां विभिन्न राजनीतिक दल और स्थानीय संगठन अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष एवं विकास मंच के प्रमुख रणनीतिकार नारायण झंवर की नई चुनावी रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और बढ़ा दिया है। विकास मंच इस बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। मंच की ओर से नगर पालिका के सभी 45 वार्डों में प्रत्याशी उतारने की रणनीति बनाई गई है। खास बात यह है कि विकास मंच के प्रत्याशियों का चुनाव चिह्न हंसिया्र, हथौड़ा और सितारा रहेगा। माना जा रहा है कि सभी प्रत्याशियों को एक ही चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारने के पीछे मतदाताओं के बीच मंच की सामूहिक पहचान को मजबूत करना प्रमुख रणनीति है।
पिछली बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिह्न पर बनाया था बोर्ड
विकास मंच की चुनावी रणनीति में चुनाव चिह्न को लेकर बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन चुनावी प्रयोग नया नहीं है। पिछली बार विकास मंच ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हुए नगरपालिका में अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की थी। इस बार मंच ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ चुनावी तालमेल बनाकर नया चुनावी समीकरण तैयार किया है।
2005 से लगातार विकास मंच का बोर्ड
नोखा नगरपालिका की राजनीति में विकास मंच की मजबूत पकड़ लंबे समय से चर्चा में रही है। वर्ष 2005 से लगातार नगरपालिका में विकास मंच का बोर्ड बनने का दावा किया जाता रहा है। जनता से सीधा संपर्क, आम लोगों के बीच उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर सक्रियता को मंच की सफलता के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।
नारायण झंवर और संतोष झंवर फिर मैदान में
इस चुनाव में भी झंवर परिवार सीधे चुनावी मैदान में नजर आएगा। नारायण झंवर वार्ड संख्या 37 से जबकि उनकी पत्नी संतोष झंवर वार्ड संख्या 32 से चुनाव मैदान में उतरेंगी। दोनों के चुनाव मैदान में आने से इन वार्डों के चुनावी समीकरण खासे महत्वपूर्ण हो गए हैं।
झंवर परिवार की पुरानी राजनीतिक विरासत
नारायण झंवर के परिवार का नोखा की राजनीति में पुराना प्रभाव रहा है। उनके पिता कन्हैया लाल झंवर नोखा से विधायक रह चुके हैं। और कई बार नोखा नगरपालिका के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में नारायण झंवर की राजनीतिक सक्रियता को परिवार की पुरानी राजनीतिक विरासत से भी जोडक़र देखा जा रहा है। नोखा नगर पालिका चुनाव में एक तरफ विकास मंच की नई रणनीति और दूसरी तरफ प्रशासन की तैयारियों के बीच अब चुनावी माहौल लगातार गरमाने लगा है। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर सामने आने के साथ ही वार्डवार राजनीतिक समीकरण और मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।