यज्ञ से दूर होती है नकारात्मक शक्तियां – हरिदेवाचार्य
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। मूंडरू कस्बे के जालपाली धाम में साकेतवासी रामलखन दास महाराज की धूणी पर हरिचरण दास महाराज के सानिध्य में चल रहे 108 कुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ के छठवें दिन संत महात्माओं का आवागमन रहा। महायज्ञ संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने बताया कि यज्ञाचार्य श्रीनंदन मिश्र के सानिध्य में 108 कुंडो पर 260 यजमान जोड़ों ने छठवें दिवस तक कुल 23 लाख 51 हजार आहुतियां प्रदान की। श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे है।श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए रामपुरा बड़ा मंदिर के संत हरिदेवाचार्य महाराज ने कहा कि महायज्ञ से नकारात्मक शक्तियां दूर होती है। महायज्ञ से निकलने वाली धुआं से वातावरण शुद्ध होता है। वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है।
मनोहरशरण दास महाराज पलसाना ने भामाशाहों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में दिया गया दान एक हजार गुणा ज्यादा फलित होने वाला है।महायज्ञ में मंगलवार को रामपुरा बड़ा मंदिर के महंत हरिदास महाराज, मनोहरशरण दास पलसाना, त्रिवेणी धाम के संत रामचरण दास महाराज, भींवादास खेमजी, काली दास नायन, प्रभुदास हथौरा, हरिदास आसपुरा, रामबिहारी दास धानोता, बालमुकुंद कोलवा, डाक्टर जुगलकिशोर रेनवाल, कालिदास रेवाड़ी, पुरुषोत्तमदास नारायणपुर सहित 45 सा, 27 सा, शेखावाटी, 32 सा और राम श्याम मंडलों के करीब पांच सौ से अधिक संत महात्माओं ने महायज्ञ के दर्शन किए। जालपाली धाम के संत हरिचरण दास महाराज व सुदर्शन दास महाराज ने संत महात्माओं का सम्मान कर विदाई दी। वहीं एक दर्जन से अधिक यजमान जोड़ों ने शाम को गायों की पूजा कर गवार्चन किया।