डेयरी में 300 किलो संदिग्ध पनीर किया नष्ट
निसं
जयपुर (नवयत्न) । त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रदेश में ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान तेज कर दिया गया है। रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने झोटवाड़ा स्थित एक डेयरी में अनहाइजीनिक तरीके से रखा करीब 300 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट कराया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत दूध, मावा, मिठाई, पनीर, घी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष निगरानी की जा रही है। विभाग प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रविवार को जयपुर मुख्यालय की केंद्रीय टीम ने झोटवाड़ा स्थित एक डेयरी का निरीक्षण किया। यहां पनीर का नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान पनीर का भंडारण अनहाइजीनिक तरीके से किया हुआ पाया गया। प्रथम दृष्टया इसे असुरक्षित खाद्य पदार्थ की श्रेणी में मानते हुए मौके पर करीब 300 किलो पनीर नष्ट कराया गया।
टीम ने पनीर का नमूना जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि त्योहारी मांग को देखते हुए राज्य और जिला स्तर की टीमों को लगातार निरीक्षण और नमूनीकरण के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थ सब-स्टैंडर्ड, अनसेफ या मिसब्रांडेड पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दंडात्मक और अभियोजनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही आमजन से संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।