वैदिक गुरुकुल स्थापना का त्रिदिवसीय भव्य समारोह सम्पन्न
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । भगवती भद्रकाली शक्ति पीठ वैदिक सनातन संस्कृति संरक्षण संस्थान, राजलदेसर के विशाल प्रांगण में आयोजित त्रिदिवसीय वैदिक गुरुकुल स्थापना समारोह रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में देशभर से संत-महात्माओं, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन समारोह को संबोधित करते हुए गुरुकुल के संस्थापक दण्डी स्वामी जोगेन्द्राश्रम महाराज ने कहा कि 34 वर्ष पूर्व देखा गया उनका सपना आज साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि माँ भगवती की प्रेरणा और श्रद्धालुओं के सहयोग से वैदिक शिक्षा का यह महत्वपूर्ण केंद्र प्रारंभ हुआ है। उन्होंने संतों को भगवान का नित्यावतार बताते हुए कहा कि संत समाज सदैव लोककल्याण के लिए समर्पित रहता है। नैयायिक सियारामदास महाराज ने कहा कि यह गुरुकुल काशी की वैदिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करेगा और क्षेत्र के विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस गुरुकुल के महत्व को समझते हुए इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। श्रीगंगानगर से आए कल्याण स्वरूप महाराज ने गुरुकुल संचालन में जनसहभागिता की आवश्यकता बताई। वहीं शुक्रताल से पधारे दण्डी स्वामी ध्रुवानंद महाराज ने वर्तमान समय में बच्चों को संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में वागीश स्वरूप (अम्बाला), वैदिक गजानंद (रैवासा), महेन्द्र स्वरूप (काशी) सहित अनेक संतों एवं विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के अध्यक्ष पूनमचंद तिवाड़ी ने गुरुकुल के लिए 5 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। संस्थान से जुड़े अनिल बैद (हैदराबाद) ने भी अपने विचार रखे। समारोह के दौरान गुरुकुल स्थापना में सहयोग देने वाले 100 से अधिक सहयोगियों को माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बटुकों द्वारा वेद मंत्रों के सुमधुर उच्चारण से हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. चेतन स्वामी ने किया, दण्डी स्वामी शिवेन्द्राश्रम महाराज ने आभार व्यक्त किया।