घंटियाल शराब ठेके पर जबरन वसूली के मामले में हिस्ट्रीशीटर देवीसिंह सहित 5 आरोपी बरी

रिजवान बागोट
​बीदासर (नवयत्न) । सिविल न्यायालय ने सोमवार को करीब 8 साल पुराने जबरन वसूली के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हिस्ट्रीशीटर देवीसिंह खेरिया सहित पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। न्यायाधीश सरीता कायथ ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को निर्दोष माना। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में परिवादी बलवंत जाट निवासी न्यामा पीएस सालासर ने बीदासर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि देवीसिंह खेरिया और दो-तीन अन्य आरोपियों ने घंटियाल स्थित शराब ठेके को बंद करने को लेकर उसको डरा-धमकाकर जबरन वसूली का प्रयास किया। पुलिस ने उक्त मामले में जांच के बाद हिस्ट्रीशीटर देवीसिंह खेरिया और उसके साथियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। ​​लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने ​देवीसिंह खेरिया निवासी ढढेरू, तिलोकचंद चौधरी निवासी सोनियासर उदय करणावतान,​हनुमानाराम जाखड़ निवासी तेहनदेसर, ​बाबूलाल बिस्सू निवासी सेवद छोटी, ​जगदीश जाट निवासी कुचेर आथूणी को मामले में पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। आरोपीगण की और से वरिष्ठ अधिवक्ता सूरजमल यादव, निरंजन सोनी और कपिल भामां ने पैरवी की। बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि परिवादी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। साक्ष्यों में विरोधाभास और पुख्ता सबूतों की कमी को देखते हुए न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

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