चौधरी कुम्भाराम आर्य की जयंती मनाई

सुरेन्द्र शर्मा
सीकर (नवयत्न)। चौधरी कुम्भाराम आर्य की 112वीं जयंती प्रधानजी का जाव, सीकर में बड़े ही श्रद्धा, उत्साह एवं किसान एकता के संदेश के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय किसान यूनियन टिकैत एवं चौधरी चरण सिंह विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, युवाओं एवं ग्रामीण समाज के लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने चौधरी कुम्भाराम आर्य के किसान हितों के लिए किए गए संघर्ष, सामाजिक चेतना एवं ग्रामीण विकास में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इस अवसर पर स्वागत भाषण रामचंद्र सुंडा ने दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता चाचा पूर्णमल सूंडा ने करते हुए कहा कि चौधरी कुम्भाराम आर्य ने राजस्थान के किसानों को नई दिशा देने का कार्य किया तथा उनके सिद्धांतों पर चलकर ही किसान समाज मजबूत बन सकता है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र धायल ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक हमारे घरों के बच्चे और युवा ऐसे सामाजिक एवं किसान जागरण कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे, तब तक समाज पूर्ण रूप से जागरूक नहीं हो पाएगा।

उन्होंने सभी किसानों एवं अभिभावकों से आह्वान किया कि जब भी किसी अवकाश अथवा छुट्टी के दिन समाज और किसान हित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हो, तब अपने बच्चों को भी साथ लेकर आएं ताकि नई पीढ़ी को किसान नेताओं के संघर्ष, इतिहास एवं समाज सेवा की जानकारी मिल सके और उनमें सामाजिक चेतना का विकास हो। भंवरलाल बिजारनिया ने चौधरी कुम्भाराम आर्य द्वारा किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि प्रदेशभर के किसानों को एकजुट कर उनके अधिकारों एवं संगठन की शक्ति के प्रति जागरूक किया जाए। डॉ अशोक धायल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर चौधरी कुम्भाराम आर्य के विचारों एवं विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष और किसान हितैषी सोच से प्रेरणा ले सके। कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में प्रदेश के किसानों को जागरूक करने, संगठन को मजबूत बनाने एवं किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर शिवदयाल सिंह मील, डॉ अशोक कुमार, राजेंद्र बीरढा, रामचंद्र सुंडा, जगदीश दानोदिया, कर्नल जगदेव सिंह, हरलाल सिंह मील, ओमप्रकाश सोनी, बनवारीलाल गढ़वाल, चोखाराम बुरडक़, प्रधान लक्ष्मणगढ़, मोहम्मद सदीक, अमरचंद गढ़वाल, तोलाराम कलवानिया, उर्मेंद्र सिंह, पोखरमल रुहेला, हनुमान सिंह पचार, अरविंद मील, मनीष मंगवा, हनुमान, भंवरलाल भास्कर, हरफूल सिंह खीचड़, भागीरथ सिंह सुंडा, मुकुंद सिंह, सेवाराम, भंवरलाल बिजारनिया, रिछपाल सिंह, राजेंद्र मील, हरफूल बुरडक़, कुलदीप सूंडा, राम मास्टर, सोहनलाल मंद, शीशपाल सिंह, किशन सिंह, डॉ बीएल मील, नरेन्द्र धायल, डॉ उधम सिंह सहित अनेक किसान एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने चौधरी कुम्भाराम आर्य के बताए मार्ग पर चलकर किसान, मजदूर एवं ग्रामीण समाज की आवाज को मजबूती देने का संकल्प लिया।

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