आरजीएचएस व ग्रीष्म अवकाश मुद्दों पर गरजा शैक्षिक महासंघ, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सुभाष वर्मा
तारानगर (नवयत्न) । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा राजस्थान इकाई तारानगर की ओर से उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश में वर्तमान समय में अत्यधिक गर्मी एवं भीषण तापमान की परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या रहती है, जिसके कारण विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रीष्मकालीन अवकाश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं शारीरिक सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक होता है। राजस्थान जैसे गर्म प्रदेश में तापमान कई स्थानों पर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुँच जाता है। ऐसे में अवकाश अवधि में कटौती करना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली, पेयजल एवं शीतल वातावरण की सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों के लिए विद्यालय आना कठिन एवं जोखिमपूर्ण हो जाता है। अभिभावकों एवं आमजन में भी इस निर्णय को लेकर असंतोष व्याप्त है।
प्रदेश में राजकीय महाविद्यालयों में 61 दिन का अवकाश , नवोदय विद्यालयों में 60 दिन का अवकाश, केंद्रीय विद्यालयों में 49 दिन का अवकाश होता है परन्तु राजकीय विद्यालयों में अवकाश कटौती कर 35 दिन का कर दिया है।
इसके साथ ही एच. एम. पावर का अवकाश भी कम कर दिया गया है वह भी वापिस किया जाए। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए शिविरा में पुनः संशोधन कर ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती के निर्णय पर पुनर्विचार कर यथावत अवकाश रखा जाए। आरजीएचएस की सुविधा बहाल की जाए। ज्ञापन देने वालों में खंड अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंगलेश खत्री, आनंदसिंह, सिंह, प्रदीप कुमार पालीवाल, श्रवण सिंह चारण, मांगीलाल, इंद्र सिंह, सुल्तान सिंह, कमल नरेश, विजय सिंह गोदारा, रामकरण प्रजापत, अमरिंदर सैनी, अश्वनी कुमार स्वामी, पूरखचंद सैनी, देवेंद्र सिंह. नरेंद्र कुमार, भागीरथ, संतलाल, प्रभु दयाल, ताराचंद, रोहिताश सिंह आदि शिक्षक साथी मौजूद रहे।