श्री छैल बिहारी मीरा मंदिर में भागवत कथा के तृतीय दिवस पर सत्संग की महिमा का हुआ वर्णन
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ (नवयत्न) । रतनगढ़ के श्री छैल बिहारी मीरा मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर कथावाचक भागवताचार्य त्रिभुवन पुरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि राम कृपा बिनु सुलभ न सोई अर्थात भगवान श्रीराम की कृपा के बिना सच्चे सत्संग की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर अधिक आकर्षित हो रहा है, जिससे जीवन में अशांति और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे समय में सत्संग ही मनुष्य को सही दिशा प्रदान करता है भागवताचार्य ने कहा कि भगवान की कृपा से ही मनुष्य को संतों का सान्निध्य और सत्संग प्राप्त होता है। कथा में श्री गोपाल महर्षि, प्रदीप महर्षि, नरेंद्र नाथोलिया, भोलेश नाथोलिया, हरिप्रसाद बुटोलिया, रमेश ठठेरा, परमेश्वर लाल बछरारा, रमेश राकेश जाजू, सुशील कुमार इंदौरिया, विष्णु दत्त धर्ड़, हेमंत कुमार इंदौरिया, रविकांत शर्मा, पुजारी श्याम सुंदर सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।