पुल निर्माण कार्य में ब्रेक लगने से थम गई विकास की रफ्तार

श्रीराम तिवाड़ी 

नोखा (नवयत्न)। क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य की धीमी गति अब केवल रेलवे परियोजना तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-89 और राज्य राजमार्ग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्माण एवं उन्नयन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय से अधूरा पड़ा ओवरब्रिज क्षेत्र के विकास, यातायात व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बड़ी बाधा बन गया है। रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम और बार-बार बाधित यातायात को देखते हुए ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि पुल बनने के बाद यातायात सुगम होगा और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लेकिन पुल निर्माण कार्य ठप्प होने से एनएच-89 और स्टेट हाईवे के कई हिस्सों पर प्रस्तावित चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सड़क सुधार कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

 

रोजाना लगता है जाम : सुजानगढ़ रोड पर पुल निर्माण स्थल के आसपास पर्याप्त वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था नहीं होने के कारण भारी वाहनों, बसों और निजी वाहनों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर : एनएच-89 और स्टेट हाईवे क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक मार्ग हैं। इन मार्गों पर निर्माण कार्य बाधित होने से माल परिवहन प्रभावित हो रहा है।

 

व्यापारियों का कहना है कि वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ रही है। डीजल खर्च और समय की बर्बादी का सीधा असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कृषि उपज को मंडियों तक पहुंचाने में देरी हो रही है, जिससे किसानों की लागत बढ़ रही है और समय पर फसल बेचने में कठिनाई आ रही है।

 

धूल, गड्ढों, और दुर्घटनाओं की आशंका निर्माण स्थल के आसपास सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह जगह गड्डे, निर्माण सामग्री और उड़ती धूल वाहन चालकों के लिए परेशानी का

जनता की मांग स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने प्रशासन तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। साथ ही एनएच-89 और स्टेट हाईवे से जुड़े लंबित निर्माण कार्यों को भी शीघ्र शुरू कर क्षेत्र को जाम, अव्यवस्था और विकास अवरोध से मुक्ति दिलाई जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि रेलवे ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाएगा, बल्कि व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा। फिलहाल लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार छोटे-मोटे सड़क हादसे भी हो चुके हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा संकेतकों की कमी के कारण दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

 

विभागों के समन्वय पर उठ रहे सवाल: क्षेत्रवासियों का आरोप है कि रेलवे विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित निर्माण एजेंसियों के बीच समुचित समन्वय नहीं होने के कारण परियोजना लगातार विलंब का शिकार हो रही है। समय-समय पर निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के दावे किए गए, लेकिन धरातल पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

You might also like