एसआई भर्ती पेपर लीक मामला: 45 लाख के सौदे में अभ्यर्थी को रटाया था लीक सॉल्वड पेपर

निसं

जयपुर (नवयत्न)। उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा के भाई पुष्पेंद्र कुमार मीणा (34) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद 18 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में अब तक कुल 146 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र कुमार मीणा निवासी सदर, दौसा पूर्व में फायरमैन ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। जांच में सामने आया कि एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक प्रकरण में मुख्य सरगना हर्षवर्धन मीणा ने अभ्यर्थी बृजेश कुमार मीणा को परीक्षा में पास कराने के लिए उसके पिता स्वरूपचंद मीणा से 45 लाख रुपए का सौदा किया था।

जांच के अनुसार परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्वड पेपर पुष्पेंद्र मीणा ने बृजेश कुमार को पढ़ाया और रटवाया था। इसका लाभ मिलने से बृजेश को हिंदी विषय में 200 में से 116.23 अंक तथा सामान्य ज्ञान में 126.01 अंक प्राप्त हुए और वह लिखित परीक्षा में सफल हो गया। हालांकि बाद में वह शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में असफल हो गया, जिसके कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका। एसओजी ने बृजेश कुमार मीणा को 11 जून को गिरफ्तार किया था।

एसओजी जांच में यह भी सामने आया है कि पुष्पेंद्र कुमार मीणा के खिलाफ रेवेन्यू ऑफिसर ग्रेड-2 और अधिशाषी अधिकारी ग्रेड-4 (ईओ-आरओ) भर्ती परीक्षा-2022 में जन्मतिथि में हेरफेर कर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने का मामला पहले से दर्ज है। इस संबंध में वर्ष 2023 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।

एसओजी के अनुसार वर्ष 2024 में दर्ज एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले की जांच लगातार जारी है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी पुष्पेंद्र से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

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