फायरमैन मीणा ने आयुक्त पर लगाये परेशान करने के आरोप, आयुक्त ने किया इंकार . . .
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सुजानगढ़ (नवयत्न)। नगरपरिषद कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इन दिनों कुछ सामान्य सम्बंध नहीं चल रहे। जिसके चलते आरोप-प्रत्यारोप और प्रताडऩा की बातें कही जाने लगी हैं। हाल ही में नगरपरिषद आयुक्त का चार्ज 14 जुलाई को सहायक अभियंता चारवी को मिला था। उसके अगले दिन 15 जुलाई को कुछ निवर्तमान पार्षद आयुक्त के पास पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्तें लोगों को समय से नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
उसके बाद अगले दिन आयुक्त चारवी ने फायरमैन बबीता मीणा को अपने कार्य के साथ-साथ पेंशन, जन आधार, राशन कार्ड आदि के कार्य भी देखने का प्रभार सौंपा। साथ ही फायरमैन सुनील विश्नोई को आरटीआई, लोकायुक्त, पीएमएवाई, ट्रेड लाईसेंस, राजस्व शाखा आदि कार्य देखने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद 17 जुलाई के दिन आयुक्त द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत फायरमैन बबीता मीणा ने उपखंड अधिकारी को की है।
सोमवार को फायरमैन बबीता मीणा की ओर से उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा को सौंपी गई शिकायत में बताया गया है कि मैं पिछले पांच सालों से अपने पद का दायित्व अलग अलग कार्यभार पर नगरपरिषद में निभाती आई हूं। लेकिन जबसे सहायक अभियंता चारवी के पास आयुक्त का चार्ज आया है, तबसे वो मुझे अपने कार्यस्थल से हटाकर अपने मन पंसद कार्मिकों को लगाती है और मेरे कार्यभार को बार-बार बदला जाता है। बिना किसी लिखित व प्रशासनिक कारण के मुझे बार-बार अपने पद से हटाकर दूसरी जगह चार्ज दिया जाकर मानसिक रूप से प्रताडि़त करने का काम किया जाता है।
बबीता मीणा ने उपखंड अधिकारी को बताया है कि 17 जुलाई को मैं इस बात का उलाहना देने आयुक्त के चैम्बर में गई, तो वो मुझ पर भडक़ गई और जातिवादी मानसिकता से प्रेरित होकर मेरे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि जितने दिन मैं हूं, उतने दिन तो यही चलेगा। कोई नया आयुक्त आये, तो बदलवा लेना। बबीता का आरोप है कि ऐसा कहकर उन्होंने गार्ड को बुलवाया और अपने कमरे से बाहर निकलवा दिया। फायरमेन बबीता मीणा से बात करने पर उन्होंने बताया कि मैं प्रधानमंत्री आवास योजना में कार्यरत हूं और हमारे यहां पर दो करोड़ का फंड आया हुआ है, जिसको लेकर लोग रोज हमारे कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन आयुक्त हमसे रोज-रोज लोगों से झूठ बोलने के लिए कहती हैं, जिसके कारण हम लोग परेशान हैं और अन्य कर्मचारी बोलने से डरते हैं।
हम लोगों से कब तक झूठ बालेंगे कि पोर्टल खराब है। आयुक्त अगर चाहे तो जनता के पैसे उनके खातों में किश्त के रूप में कबके चले जाते। बबीता मीणा ने आगे बताया कि मुझे बार-बार इसलिए परेशान किया जाता रहा क्योंकि मैं इस मनमर्जी में सबसे ज्यादा खटकती हूं, इसलिए आयुक्त मनमर्जी के साथ अपने पसंद के कार्मिकों को मेरे स्थान पर लगाना चाहती है। जाति सूचक शब्द करने के आरोप भी बबीता ने लगाए हैं और कहा है कि बार-बार चार्ज बदलकर मुझे परेशन किया जाता है, जिसके बारे में मैंने उपखंड अधिकारी से न्याय मांगा है। क्योंकि हम लोग कब तक जनता से झूठ बोलते रहेंगे।
इस बारे में कार्यवाहक आयुक्त चारवी से बात करने पर उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को कुछ पार्षदों का ज्ञापन आया था, उस पर संज्ञान लेते हुए मैंने 16 जुलाई को बबीता व एक अन्य कर्मचारी का कार्यभार बदला है। मैंने अपने खुद के कई चार्ज बदले हैं और सरकारी कार्यालय में ऐसा होना आम बात है। दूसरी ओर कमरे से बाहर निकालने की बात पर आयुक्त ने कहा कि ऐसा बिल्कुल संभव ही नहीं है प्रत्येक कर्मचारी का सम्मान करना मैं अपना दायित्व समझती हूं। मुझ पर लगाये गये सभी आरोप निराधार हैं। मैंने केवल एक ही बार बबीता मीणा का कार्यभार बदला है। बार-बार कार्यभार बदलने के आरोप निराधार हैं।
वहीं उपखंड अधिकारी और नगरपरिषद के प्रशासक ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि आरोप कोई कुछ भी लगा सकता है लेकिन मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी मामले की जांच की जा रही है। मामला चाहे जो भी हो लेकिन पीएमएवाई की किश्तों के लिए रोज लाभार्थी लोग नगरपरिषद के चक्कर काटते जरूर नजर आते हैं। बबीता मीणा द्वारा आयुक्त पर लगाए गए फंड रोकने सम्बंधी नए आरोपों से सुजानगढ़ शहर की सियासत में उबाल आता दिख रहा है।