पर्यावरण संरक्षण व योग सम्मान समारोह आयोजित
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न) । जल, जंगल और जीवन को बचाने के संकल्प के साथ सोमवार को श्रीमाधोपुर में चौधरी नाथूराम भामू रोटरी क्लब श्रीमाधोपुर एमएस अस्पताल के पीछे जल बचाओ, पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ समिति एवं रोटरी क्लब श्रीमाधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में भव्य पर्यावरण संरक्षण व योग सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर संत ओंकार दास जी महाराज सीता राम बाबा बावड़ी आश्रम श्रीमाधोपुर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में भागीरथ सिंह बिजारणियां, पूर्व वाइस चांसलर, शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर उपस्थित रहे।
डॉ. माधव सिंह की सराहनीय पहल::-
कार्यक्रम के संयोजक एवं भामाशाह डॉ. माधव सिंह अध्यक्ष जल बचाओ पेड़ लगाओ जीवन बचाओ समिति श्रीमाधोपुर की दूरदर्शिता और समाजसेवा की भावना इस आयोजन का केंद्र रही। डॉ. माधव सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि “श्रीमाधोपुर के सौंदर्यीकरण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में दोनों संस्थाओं का अहम योगदान रहा है। पर्यावरण और योग ही स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं।” डॉ. माधव सिंह ने अपनी ओर से करीब 50 प्रतिभाओं एवं मंचस्थ अतिथियों को साफा, शाल, दुपट्टा, पौधे, पानी की बोतल और पानी कैम्पर भेंट कर सम्मानित किया ,उनकी इस उदारता और समर्पण की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की। सामाजिक क्षेत्र में डॉ. माधव सिंह का योगदान श्रीमाधोपुर के लिए प्रेरणा बन गया है।
“योग पुस्तक का विमोचन व सम्मान”
इस अवसर पर सुनील धीनवा द्वारा लिखित पुस्तक “योग” का विमोचन भी किया गया।पर्यावरण संरक्षण और योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमी राजू बागवान, ताराचंद चीता इतिहासकार, कैलाश चंद सैनी हलवाई, सिंगर महेश यादव खुर्मपुरा, राजेश सैनी, सतवीर सामोता, सुभाष चंद्र चेजारा, शिवकुमार वर्मा, भावना कुड़ी,पार्षद विनेश सैनी, निकिता पारीक, दिलीप राष्ट्रवादी, हरीश जीनगर, अंकित चेजारा, किशोर कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, महेन्द्र खडोलिया, हरिओम कुमावत, मेहन्द्र सैनी हिन्दुस्तानी, मुकेश नवहाल , जितेंद्र सिंह योग शिक्षक, तन सुख कुमावत, मानसिंह शेखावत, लायंस क्लब से सागरमल हलवाई, सीताराम सैनी पूर्व वैज्ञानिक, डॉ. नीलकंठ कयाल, माणकचंद तिवाड़ी को भी पर्यावरण पुरस्कार से नवाजा गया। मुख्य अतिथि भागीरथ सिंह बिजारणियां ने कहा कि “पर्यावरण को बचाने की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी तभी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ भविष्य मिल सकेगा।”
महामंडलेश्वर संत श्री ओंकार दास जी महाराज ने भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण को जोड़ते हुए कहा कि “पेड़ लगाना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।” कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों को पौधे वितरित किए गए। इनमें करोटिन, पेंसिल पाम, एरीका पाम, क्रिसमस ट्री, स्ट्रोपा, मधुमालती, तुलसी सहित अनेक प्रजातियों के पौधे शामिल थे। सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन लेखक ताराचंद चीता ने राजस्थानी भाषा में किया, जिसकी श्रोताओं ने खूब सराहना की।इस अवसर पर रामजीलाल शर्मा, रामबाबू शर्मा, इंजीनियर प्रदीप धायल, श्रीमती हनुमानी देवी, डॉ. सुमन, सुरेश चोटिया, राजेंद्र कसेरा, छाजूराम खेड़ीवाल सहित समाज के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, समाजसेवी और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।