गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । प्रदेश में बढ़ती निराश्रित गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर गौ ग्राम सेवा संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ललित दाधीच ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोवंश संरक्षण के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक नीति लागू करने की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। ललित दाधीच ने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है और किसानों की फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर खेतों में पहरा देना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग चार हजार गौशालाएं संचालित होने के बावजूद निराश्रित गोवंश की समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हो पाया है। सरकार गौ-सेवा सेस के माध्यम से राशि एकत्रित कर रही है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों और गलियों में भटकने को मजबूर हैं तथा प्लास्टिक खाने और कुपोषण के कारण उनकी मौतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए गौशालाओं को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
ज्ञापन में मांग की गई कि निराश्रित गोवंश की जिम्मेदारी पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को सौंपी जाए तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगर निकाय में कांजी हाउस की स्थापना अनिवार्य की जाए। इसके संचालन के लिए अतिरिक्त गौ-सेवा सेस लगाने का भी सुझाव दिया गया। संघ ने प्रस्ताव रखा कि ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण-पत्रों, बिजली-पानी के बिलों, एनओसी, पट्टों और निविदाओं पर नाममात्र का गौ-सेवा सेस लगाया जाए। इसके अलावा कृषि विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पेट्रोलियम उत्पादों तथा डेयरी उत्पादों पर भी गौ-सेवा सेस लगाकर एक स्थायी निधि तैयार की जाए, जिससे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं कांजी हाउसों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी एवं आबकारी के माध्यम से गौ-सेवा सेस लगाकर “गौ संवर्धन निधि” की स्थापना की थी, जो देशभर में एक सराहनीय पहल मानी गई। उसी तर्ज पर वर्तमान सरकार से भी प्रभावी एवं स्थायी नीति लागू करने का आग्रह किया गया। गौ ग्राम सेवा संघ ने मुख्यमंत्री से गोवंश संरक्षण के इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।

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