नगर पालिका में भ्रष्टाचार की जांच शुरू, विकास कार्यों की फाइलें नहीं मिलने से मचा हड़कंप

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजलदेसर नगर पालिका में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच गुरुवार से शुरू होते ही नगर पालिका परिसर में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कई विकास कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें मौके पर उपलब्ध नहीं मिलीं, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों सहित विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर किसानों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया था। धरने के बाद प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने का लिखित आश्वासन दिया गया था। उसी के तहत गुरुवार को उपखंड अधिकारी मिथिलेश कुमार के निर्देशन में जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच दल में सार्वजनिक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता सुशीला फुलवरिया, उपकोषाधिकारी राजेंद्र नाई तथा नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता विकास मीणा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जांच के दौरान जब विकास कार्यों की फाइलें मांगी गईं तो कई आवश्यक अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। फाइलों के गायब होने की जानकारी सामने आते ही नगर पालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।.नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सीताराम मीणा ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक फाइलें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच दल को आश्वस्त किया कि सोमवार तक सभी रिकॉर्ड और फाइलें उपलब्ध करा दी जाएंगी तथा जांच में प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा।.धरने से जुड़े किसान नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाती है तो विकास कार्यों में हुई अनियमितताओं की सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई।
जांच के दौरान कामरेड भादर भामू , पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश घिंटाला, सामाजिक कार्यकर्ता लाभचंद सोनी, पूर्व पार्षद ताराचंद वाल्मीकि, मिर्जाराम बारूपाल, रणजीत कच्छावा सहित बड़ी संख्या में किसान एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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