लोसल पालिका चुनाव : कांग्रेस की हैट्रिक या भाजपा की होगी वापसी

नंदलाल गौड़
लोसल (नवयत्न)। शहर की नई सरकार बनाने के लिए हो रहा निकाय चुनाव के लिए फिलहाल अभी पार्टियों में उम्मीदवारों का चयन की प्रक्रिया चल रही है लेकिन इसी बीच यहां शहर की सरकार किस पार्टी की बनेगी यहां पर मुख्य रूप से गांव गांव की चौपाल से लेकर शहर की गलियों में अच्छी खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेता निकाय चुनाव लोसल में अपने-अपने जीत के दावे कर रहे हैं । इस बार इस चुनाव में क्या कांग्रेस की हैट्रिक लगेगी या भाजपा की दस साल बाद वापस वापसी होगी। नगरपालिका चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरकर शहर की सरकार बनाने का दावा कर रही है। यहां पर हुई कांग्रेस की बैठक में विधानसभा प्रभारी प्रीति मेघवाल, सुनिता गठाला ने दावा किया कि नगरपालिका में कांग्रेस की सरकार बनेगी और हैट्रिक लगाएगी। तो भाजपा भी वापस वापसी के लिए एवं कांग्रेस की हैट्रिक बनाने से रोकने के लिए चुनावी दंगल में जीत के लिए पूरी तरह से जुटी हुई है। प्रदेश में भाजपा की सरकार तो है ही विधानसभा में भाजपा के विधायक गोरधन वर्मा है। यह दोनों कारण के अलावा वार्डों का नया सीमांकन तीन प्लस पोइंट भाजपा के पक्ष में कार्यकर्ताओं में जोश भर रहा है। विधायक के लोसल एवं धोद में भाजपा की सरकार बनाने की जिम्मेदारी कंधों पर है। विधायक गोरधन वर्मा धोद विधानसभा क्षेत्र का विकास भाजपा शासन में होने की बात कहकर नगरपालिका में भी भाजपा का बोर्ड बनाने की कह रहे हैं जिससे कड़ी से कड़ी जुड़ने से नगरपालिका लोसल का एक बड़ा संदेश आगे तक पहुंचेगा। हमारा लक्ष्य है लोसल नगरपालिका को एक आदर्श नगरपालिका बनाए। भाजपा के शासन में लोसल को उप जिला अस्पताल, मंडी एवं पशु चिकित्सालय हमने दिया है। नगरपालिका का इस चुनाव के लिए नया सीमांकन वार्डों का हुआ है पूराना खाका इस बार वार्डों का बदल गया है। लेकिन शहरी क्षेत्र में भाजपा को मजबूत पकड़ रखने का दवाब रहेगा। पिछले दो चुनाव में कांग्रेस को ही सफलता अर्जित हुई थी लेकिन लोगों के बीच यह चर्चा है कि इस बार नगरपालिका चुनाव का पूरा खाका बदल गया है। वार्डों की संख्या तो नहीं बढ़ी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को नगरपालिका में शामिल कर लिया जाने से चुनावी दंगल जोरदार टक्कर में बदल सकता है। नगरपालिका में अध्यक्ष पद सामान्य का आने के बाद मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार दो तीन पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष एवं दो-तीन उपाध्यक्ष नगरपालिका चुनाव के पार्षद का चुनाव लड़ने की जानकारी मिल रही है। जबकि अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वालों की संख्या आधा दर्जन भर से अधिक है। अध्यक्ष की रेस में रोज-रोज नए-नए नाम सामने आ रहे हैं क्योंकि नगरपालिका अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग का है ऐसे में अध्यक्ष की रेस निकाय चुनाव मुकाबला को दिलचस्प बना रहा है। कांग्रेस और भाजपा की बैठकों में अच्छी खासी संख्या नजर आती है। दोनों दलों में उम्मीदवार का चयन करना भी इतना आसान नजर नहीं आ रहा है। किसके सिर बंधेगा मुखिया का ताज मुख्य रूप से यह चर्चा सुर्खियों में बना हुआ है।

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