महिला सुपरवाइजर भर्ती फर्जीवाड़ा मामला :ओएमआर में अंक बढ़वाने वाली गिरफ्तार
निसं
जयपुर (नवयत्न)। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के परिणाम में ओएमआर शीट की स्कैनिंग के दौरान फर्जीवाड़ा कर अंक बढ़वाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने वांछित अभ्यर्थी संतोष कुमारी मीणा निवासी कानोता हाल सांगानेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। एसओजी अब उससे भर्ती परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट की स्कैनिंग और परिणाम तैयार करने का काम संभालने वाली कंपनी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों और बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से परीक्षा परिणाम में हेरफेर किया गया था। आरोप है कि संतोष कुमारी मीणा के मूल ओएमआर में कम अंक थे, जिन्हें कूटरचना के जरिए बढ़ाकर उसे चयन सूची में शामिल कराया गया। जांच में सामने आया कि कर्मचारी चयन बोर्ड के प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल ने कंपनी के कर्मचारियों विनोद कुमार गौड़ और शादान खान के साथ मिलीभगत की। आरोप है कि अभ्यर्थियों के परिणाम में हेरफेर करने के बदले लाखों रुपए लिए गए। इसी नेटवर्क के जरिए संतोष कुमारी के ओएमआर शीट के अंकों में कथित तौर पर बदलाव कर चयन सूची में स्थान दिलाया गया। वहीं रिमांड के दौरान एसओजी भर्ती परीक्षा में ओएमआर स्कैनिंग और परिणाम में हेरफेर के पूरे नेटवर्क तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण के तहत जांच चल रही है। इस मामले में पूर्व में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें कर्मचारी चयन बोर्ड के तत्कालीन एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल, अभ्यर्थी पूनम माथुर, राभव लिमिटेड के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादान खान सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। संतोष कुमारी की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है।