फेसबुक का मंच मिला तो मुखर हुई पुलिस प्रतिभाएं, पब्लिक ने सराहा

चूरू पुलिस का अनूठा नवाचार

चूरू,(पीयूष शर्मा)18 मई। चूरू पुलिस, फिल्मस्थान व संप्रीति संस्थान की ओर से आयोजित ऑनलाइन लाइव चेट सेशन ‘अपनी बात चूरू के साथ’ को पुलिसकर्मियों ने अपनी संगीत प्रतिभा के दम पर यादगार बना दिया।

फेसबुक पर छाए रहे चूरू पुलिस के महिला-पुरुष कांस्टेबल की गायन शैली और शेर-ओ-शायरी को दर्शकों ने भी खूब सराहा। ऑनलाइन रहे चूरू पुलिस के छह कांस्टेबल ने एसपी तेजस्विनी गौतम की इस पहल को अनूठी बताते हुए इस अभियान के माध्यम से जनता और पुलिस के रिश्तों में आए बदलाव के बारे में बताया।

पुलिस और पब्लिक को बांधा एक अनूठे बंधन में: राकेश
चूरू पुलिस थाना कोतवाली के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 384 राकेश ने एक मोटिवेशनल वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। राकेश ने कहा कि चूरू पुलिस के फेसबुक पेज पर चल रहे इस अभियान के जरिए दर्शक पुलिस के प्रथम सदस्य महानिदेशक डा. भूपेंद्र सिंह से मिल चुके हैं। एसपी मैडम के प्रयासों से अब पुलिस बल की अंतिम कड़ी कांस्टेबल से भी दर्शक जुड़ रहे हैं। यह एक अनूठा नवाचार है। जिसने पुलिस और पब्लिक को एक अनूठे बंधन में बांधा है। राकेश ने कहा कि चूरू एसपी तेजस्विनी गौतम ने इस कार्यक्रम के जरिए पुलिस के बारे में आम लोगों की धारणा को बदला है। राकेश ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस सेवा ज्वाइन की थी तो सभी ने कहा था कि पुलिस का काम थैंकलेस है। यहां कोई भी आपको अच्छा काम करने पर धन्यवाद नहीं देता। बल्कि एक गलती पर सारे महकमे की बुराई होने लगती है। मगर इस कोरोना वायरस काल में उन्हें यह भी देखने को मिला कि जब पुलिस की गाड़ी किसी गली से गुजरी तो उस पर फूल बरसाए गए। यह क्षण उनके लिए बड़ा सुकून और गर्व से भरा था। तब महसूस हुआ कि पुलिस का जॉब थैंकलेस नहीं है। जनता भी उन्हें प्यार करती है। पुलिस बल को इसी मनोबल की जरूरत थी। इस मनोबल को बढ़ाते हुए चूरूएसपी के नेतृत्व में सब अपने-अपने कार्य को अंजाम देने में लगे हुए हैं। राकेश ने आमजन से एक दूसरे की मदद करने का आह्वान किया।

कुमार विश्वास को सुना विकास स्वामी की आवाज में
ऑनलाइन सेशन के दौरान दर्शकों ने पुलिस लाइन के पुलिस कांस्टेबल विकास स्वामी बेल्ट नंबर 367 की आवाज में कुमार विश्वास को न केवल सुना। बल्कि कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है कविता के दौरान उनके साथ सुर में सुर मिलाकर गुनगुनाए भी। आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने वाली अनेक कविताएं पेश कर विकास ने दर्शकों की दाद पाई।

बाद मुद्दत के घर मिला है घर में रहा करो…
इसी प्रकार चूरू यातायात पुलिस के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 673 जले सिंह ने कवि दुष्यंत और राहत इंदौरी के शेअर सुनाकर सभी को कोरोना वायरस से बचे रहने का संदेश दिया। जले सिंह ने बाद मुद्दत के घर मिला है घर में रहा करो, आपके दुख दर्द दिलो दिमाग में हैं हमारे, हिफाजत इसी में है कि घर में रहा करो कविता सुनाई। अपने मस्ताने अंदाज में उन्होंने सुनाया कि गुजरे हैं आज इश्क में उस मुकाम से, कि वह छोड़ गए हमें एक छोटे से जुखाम से सुनाकर भी खूब वाहवाही बटोरी।

इसी प्रकार बीदासर थाना पुलिस के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 524 रामसुख ने जगजीत सिंह की नज़्म कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है सुनाई।

चूरू महिला थाने की कांस्टेबल बेल्ट नंबर 395 सुमन ने राजस्थानी गीत के माध्यम से राजस्थान की धरती के महत्व और आन-बान-शान का बखान किया।

मिले हो तुम हमें कितने नसीब से
लेडी पुलिस पेट्रोलिंग यूनिट की कांस्टेबल बेल्ट नंबर 1114 कांता सोनगर ने तूं कितनी अच्छी है, तंू कितनी भोली है, ओ मां…गीत सुनाया। उन्होंने ये गीत उन सभी माताओं को समर्पित किया जिनके बच्चे आज कोरोना काल में ड्यूटी पर है। कांता सोनगर ने अपनी बहन के लिए मिले हो तुम हमें कितने नसीब से… गीत गाकर दर्शकों के दिल को छूआ।

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