ऐतिहासिक बाबा सुंदर दास के लक्खी मेले का शुभारंभ
निसं
खेतड़ी (नवयत्न)। खेतड़ी क्षेत्र के सबसे बड़े गाडराटा में बाबा सुंदर दास का ऐतिहासिक लक्खी मेला शुरू हो गया। बाबा सुंदर दास के मंदिर में जोत के अर्पण होते ही पहले दिन मेले का शुभारंभ किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में धोक लगाई। इस मेले में राजस्थान व हरियाणा यूपी तक के श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा के भगत महिपाल सिंह ने बताया करीब पांच सौ साल से बाबा सुंदर दास महाराज के मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। बाबा के बारे में मान्यता है कि बाबा के दरबार में हर मनोकामना यहां पूर्ण होती है। मुख्य रूप से सर्पदंश या पशुओं को होने वाली बीमारियों से बचाते हैं। आसपास के ग्रामीण जब पशु द्वारा बच्चे को जन्म देने पर पहला दुध व दही मंदिर में चढ़ाया जाता है तथा उनको बांधने की बेल (साकल) या फिर रस्सा मंदिर में लेकर आते हैं, वहीं उनकी धोक लगाते हैं। उन्होंने बताया यह मेला भाद्रपद की एकादशी से शुरू होकर पूर्णमासी तक भरता है, जिसमें लोग जात जडूले उतरवाने के लिए आते हैं। पांच दिन तक भरने वाले मेले में मुख्य रूप से पहले तीन दिन काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा के मंदिर पहुंचते हैं। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर मेला कमेटी व प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुंदरदास सेवा समिति ने मेले के लिए साफ सफाई करवा कर मेले में दुकाने लग चुकी है। दुकानों के लिए 8 फीट की जगह आवंटित की गई है। सडक़ से दोनों तरफ 20 फीट चौड़ा रखा गया है तथा मेले की व्यवस्था के लिए सौ वालंटियर बनाए गए हैं तथा बाउंसर भी मंदिर परिसर में तैनात किए गए हैं। मेले में निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे की भी लगाए गए हैं तथा एक कंट्रोल रूम स्थापित कर पूरे मेले की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंदिर में श्रद्धालु आराम से बाबा के दर्शन कर सकें, इसके लिए बैरिकेडिंग भी लगाई गई है। यातायात व पार्किंग के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। मेला समिति की तरफ से पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है तथा साफ सफाई के लिए कचरा गाडिय़ां भी लगाई गई है। इसके अलावा मेले की ड्रोन से निगरानी रहेगी तथा वन विभाग से सर्च लाइट भी मंगवाई गई है उससे भी मेले में पहाड़ी क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। पुलिस की तरफ से भी करीब सैकड़ों पुलिसकर्मियों लगाए गए हैं। चिकित्सा व्यवस्था बनाने के लिए मेडिकल स्टॉफ व दो एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं।