संजय सोनी के गीत-संगीत से सजेगी अजमीढ़ जयंती, समाज को मिली सांस्कृतिक धरोहर
संजय सोनी
झुंझुनूं (नवयत्न)। शरद पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली अजमीढ़ जयंती को खास बनाने और समाज की संस्कृति व परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उदयपुर निवासी संजय सोनी सर्जनवाला ने गीत-संगीत की विशेष रचनाएं तैयार की हैं। सात महीने की मेहनत से तैयार इन ऑडियो-वीडियो रचनाओं में मेढ़ स्वर्णकार समाज के आराध्य अजमीढ़जी, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक परंपराओं से जुड़े गीत शामिल हैं। इन रचनाओं में समाज प्रेरणा गीत, स्वर्णकार संगठन का ध्वजगान, गणेश एवं सरस्वती वंदना, अजमीढ़जी की आरती, मंगल गीत, मंत्रोच्चार, आशीर्वाद गीत और भजन सहित कई प्रस्तुतियां हैं। इनके माध्यम से धार्मिक आयोजनों, ध्वजारोहण, महिला गीतों और सामूहिक जुलूसों को भी सांस्कृतिक पहचान देने का प्रयास किया गया है। संजय सोनी की इन रचनाओं का राजस्थान के राज्यपाल द्वारा विमोचन भी किया जा चुका है। समाज की सांस्कृतिक विरासत, संस्कारों और परंपराओं को सहेजने की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजबंधु इन गीतों और अन्य डिजिटल सामग्री को यूट्यूब पर गीतमाला के माध्यम से देख और सुन सकते हैं।