महिला नर्सिंग कर्मी ने सुसाइड करने की कही बात
खेतड़ी के राजकीय अजीत अस्पताल की महिला नर्सिंग कर्मी के साथ प्रताड़ना
खेतड़ी,(नरेंद्र स्वामी)25 मई। कोरोना वायरस पूरे विश्व में एक महामारी के रूप में बनकर उभरा है, भारत में पॉजिटिव केस के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन देश में प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक तक कोरोना वारियर्स बनकर उभरे चिकित्सा कर्मियों जिसमें खासतौर पर पैरामेडिकल स्टाफ नर्सेज को पूरा सम्मान दे रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है।
सरकारी सिस्टम में कितनी खामियां होती है इसका नजारा झुंझुनू जिले के खेतड़ी के राजकीय अजीत अस्पताल में बखूबी दिखाई दे रहा है। जहां एक महिला नर्सिंग कर्मी को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना के कारण चुरू जिले के राजगढ़ के सीआई ने आत्महत्या की थी अभी राजगढ़ के थानाधिकारी सुसाइड का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि खेतड़ी के अजीत अस्पताल की महिला नर्सिंग कर्मचारी अनीता कटेवा ने ड्यूटी के लिए प्रताडि़त करने पर सुसाइड करने के संकेत दिए हैं।
अस्पताल कर्मचारियों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में चैट के माध्यम से महिला नर्सिंग कर्मी ने इसके संकेत दिए हैं वहीं महिला नर्सिंग कर्मी ने मानसिक रूप से प्रताडि़त करने को लेकर एसडीएम को चिठ्ठी भी लिखी है, चिठ्ठी के माध्यम से भी उन्होंने कुछ इस तरह के ही संकेत दिए हैं।
मामला जब एसडीम के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए। जिस पर पूरे चिकित्सा विभाग में अफरा-तफरी मच गई। महिला नर्सिंग कर्मी अनीता कटेवा ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी संजय सैनी को तीन बार लिखित में शिकायत देने के बावजूद मेरे से बार-बार बिना नियम कायदों के रात्रि कालीन ड्यूटी करवाई जाती है यह प्रताडि़त करने का सिस्टम अभी से नहीं है बल्कि मेरे को अस्पताल में आए हुए डेढ़ साल हो गया आई थी तब मेरे 4 माह की बच्ची थी उस समय भी नियम कानून कायदों को ताक पर रखकर मेरे से रात्रि कालीन ड्यूटी करवाई जाती थी। बच्ची को मरीजों की गोद में देकर फिर मरीजों का उपचार करती थी लेकिन मैं चुपचाप प्रताडऩा सहन करती रही लेकिन अब अति ज्यादा होने पर मैं मानसिक रूप से परेशान हूं इस परेशानी में मैं कुछ भी कर सकती हूं।
इस बात को उसने देश की सेवा में श्रीनगर में आर्मी में कार्यरत अपने पति को बताई तो उन्होंने भी समझाया और आने की बात कहीं। लेकिन लॉक डाउन लगे होने की वजह से वह आ नहीं पा रहे हैं।
जब मामला तूल पकड़ा तो आनन-फानन में प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने नर्सिंग कर्मी से बात की लेकिन उसने यही बताया कि प्रभारी को कहने के बावजूद भी मेरे को प्रताडि़त किया जाता है।
मीडिया ने भी बखूबी अपनी भूमिका निभाई ज्योंही मामले की जानकारी मिली रविवार रात को ही नर्सिंग कर्मी के पास पहुंचकर उसको इस तरह का कार्य नहीं करने के लिए कहा तथा उनको पूरा न्याय दिलाने का विश्वास दिलाया। मीडिया को भी उन्होंने अपनी पीड़ा बताई उसने बताया कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है अन्य कर्मचारी किसी मंत्री या कार्यकर्ता का दबाव बना करके ड्यूटी को हटवा लेते हैं मेरी कोई सिफारिश नहीं है तो मेरे को प्रताडि़त किया जाता है।
नर्सिंग कर्मियों की बैठक बुलाकर बीसीएमओं ने सुलझाया मामला
मामले की गंभीरता को समझते हुए सीएमएचओं डॉ छोटेलाल गुर्जर ने खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए। जिस पर सोमवार दोपहर को डॉ हरीश यादव ने सीनियर नर्सिंग कर्मी नर्सिंग अधीक्षक सत्यवीर मान, जगदीश सिंह शेखावत, विजयपाल सैनी को कार्यालय में बुलाकर ड्यूटी व्यवस्था में सभी नर्सिंग कर्मियों व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने के लिए आदेशित किया। किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने की बात कहीं।
इस दौरान एसपी जगदीश शर्मा के दिशा निर्देशानुसार थाना अधिकारी शीशराम मीणा भी मौके पर पहुंचे और महिला नर्सिंग कर्मी अनीता कटेवा से समझाईस की। बीसीएमओं डॉ हरीश यादव ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई है वहीं तीन सीनियर नर्सिंग कर्मियों को ड्यूटी रोस्टर में बराबर ड्यूटी लगाने के लिए आदेशित किया गया है मामला अब पूर्णतया शांत है महिला नर्सिंग कर्मी अनिता को संतुष्ट कर दिया गाया है। मामले की जांच के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है।
महिला नर्सिंग कर्मियों ने ड्यूटी रोस्टर में भेदभाव के बात कही थी जिस पर जो महिला नर्सिंग कर्मी ड्यूटी लगाती है उनको आदेशित किया गया था कि वह सबकी बराबर-बराबर ड्यूटी लगाए। कई बार ड्यूटी लगाने वाली महिला नर्सिंग कर्मी फोन नहीं उठाती इस पर उनको फोन हमेशा ऑन रखने के लिए भी कहा गया है। अब नियमित रूप से सभी नर्सिंग करने की बराबर की ड्यूटी लगाई जा रही है। डॉ संजय कुमार सैनी, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी राजकीय अजीत अस्पताल, खेतड़ी