हाईकोर्ट ने छात्र के प्रार्थना पत्र पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की सुनवाई,रिहाई के दिए आदेश
अत्यावश्यक सुनवाई श्रेणी के तहत हुआ प्रकरण सूचीबद्ध
झुंझुनू, (अश्वनी शर्मा) 6 मई l झुंझुनू जिले के बुहाना के समीपवर्ती गांव सोहली निवासी प्रवीण यादव पुत्र ओमप्रकाश यादव को पचेरीकला थाना पुलिस ने 19 मार्च को हिरासत में ले लिया था।बुहाना कोर्ट ने उसके प्रार्थना पत्र को खारिज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।तत्पश्चात अपर सेशन न्यायालय खेतड़ी ने भी प्रार्थी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।इस पर प्रार्थी की ओर से हाईकोर्ट में एडवोकेट संजय महला ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कोविड -19 के तहत चल रहे लॉक डाउन में प्रार्थी के प्रकरण को अत्यावश्यक श्रेणी का मानते हुए इसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हेतु सूचीबद्ध करने हेतु निवेदन किया।कोर्ट आदेश से सूचीबद्ध होने पर बहस के दौरान एडवोकेट संजय महला ने दलील दी कि पुलिस थाना पचेरीकला ने आरोपी छात्र को 19 मार्च को जिस प्रकरण में हिरासत में लिया है वह पुराना है जो 21 अक्टूबर 2018 को दो पक्षों में हुए झगड़े में थाने में दर्ज हुआ था।आरोपी छात्र निर्दोष था तथा उस दिन वह अपने छात्रावास में नीमकाथाना उपस्थित था जहां वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उन्होंने न्यायालय से उसके भविष्य को देखते हुए जमानत पर रिहा करने की विनम्र प्रार्थना की।दूसरी ओर राजकीय अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर कर आरोपी छात्र को जेल से रिहा करने के आदेश दिए।