1.25 करोड़ से ठाकुरजी मंदिर का नवनिर्माण पूर्ण, 23 को प्राण प्रतिष्ठा
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न)। राजलदेसर के निकटवर्ती बंडवा गांव में ग्रामीणों व भामाशाहों के सहयोग से प्राचीन ठाकुरजी मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। राधा कृष्ण एवं शिव भक्त मंडल सेवा संस्थान के तत्वावधान में करीब 1.25 करोड़ रुपए की लागत से बने इस मंदिर में 23 अप्रैल को विधिवत प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित होगा। संस्थान अध्यक्ष करणीसिंह ने बताया कि आचार्य पं. आनंदकुमार सारस्वत व गिरधारीलाल दायमा के सान्निध्य में सात पंडितों द्वारा बुधवार को गणेश पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो चुके हैं। इस दौरान ठाकुरजी महाराज सहित शिव परिवार की मूर्तियों की स्थापना भी की जाएगी। गांव में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में कन्हैयालाल दाधीच, हड़मान सुथार, कृष्णगोपाल दाधीच, रामेश्वर सुथार, गंगाराम जाट, केशरीसिंह राठौड़, आसूराम जाट, जीवाराम नाई, प्रेमसिंह राठौड़, देबूराम ढाका सहित अनेक ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मंदिर परिसर 100×50 फीट क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसमें मुख्य मंदिर के साथ एक विशाल हॉल व चारदीवारी शामिल है। मंदिर का फर्श सड़क स्तर से करीब 6 फीट ऊंचा रखा गया है, जबकि अंदरूनी ऊंचाई 13 फीट है। 41 फीट ऊंचा गुंबद मंदिर की भव्यता को और आकर्षक बनाता है। मंदिर के अंदर टाइल्स व मार्बल तथा बाहरी हिस्से में जोधपुर के पत्थर लगाए गए हैं। परिसर में सत्संग भवन सहित अन्य निर्माण कार्य भी किए गए हैं। 125 साल पुरानी आस्था को मिला नया स्वरूप करीब 125 वर्ष पुराने इस ठाकुरजी मंदिर का गांव में विशेष धार्मिक महत्व रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय गांव के बुजुर्गों की बैठक में लिया गया था। इसके बाद गांव के इंजीनियर प्रेमसिंह ने मंदिर का नक्शा तैयार कर सहयोग दिया। पूर्व सरपंच करणीसिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों व भामाशाहों के सहयोग से 14 अप्रैल को भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू किया गया, जो लगभग एक वर्ष में पूर्ण हो गया।