कर्ज के बोझ तले दबा अधेड़ आया ट्रेन के नीचे
विजेंद्र सिंह लमोरिया
चिड़ावा (नवयत्न)। इलाके में गुरुवार देर रात एक अधेड़ व्यक्ति ने ट्रेन के आगे आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार सूरजगढ़ तहसील के गांव रामरख की ढाणी निवासी विनोद पुत्र श्रीचंद पूनिया (उम्र 50 वर्ष) ने रात करीब 9 बजे मावंडिया की ढाणी के पास सिरसा -कोटा ट्रेन के आगे आकर यह कदम उठाया। मृतक विनोद पूनिया डेयरी संचालन के साथ-साथ खेती-बाड़ी का कार्य करता था। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

सुसाइड नोट में ये लिखा : सुसाइड नोट में मृतक ने डेयरी व्यवसाय में लगातार घाटा होने और बैंक का कर्ज न चुका पाने की मजबूरी का जिक्र किया है। साथ ही उसने लिखा कि बैंक द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान था। मृतक की जेब से एचडीएफसी बैंक का एक नोटिस भी बरामद हुआ है, जिसमें करीब 31 लाख 11 हजार 383 रुपये के बकाया भुगतान की मांग की गई थी। बताया जा रहा है कि यह लोन उसने अपने उधमपुरा स्थित मकान को गिरवी रखकर लिया था।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की-
घटना की सूचना मिलते ही चिड़ावा थाने से एएसआई ओमप्रकाश नरुका व कांस्टेबल अंकित राव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने सुसाइड नोट व अन्य दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
गांव में पसरा मातम-
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन चिड़ावा रेलवे स्टेशन पहुंचे। मृतक अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गया है। इस घटना के बाद परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।
परिवार कर रहा मुआवजे और कार्रवाई की मांग –
मामले में परिजन उप जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण भी काफी संख्या में एकत्र हुए। जिसके बाद सभी पुलिस थाने पहुंचे और ज्ञापन देकर बैंक कर्मियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जीवन यापन के लिए पर्याप्त मुआवजा दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
सुसाइड मामले ने तूल पकड़ा
बैंक मैनेजर को गिरफ्तार करने की मांग-
मामले में शुक्रवार दोपहर बाद परिजनों और ग्रामीणों ने चिड़ावा स्थित एचडीएफसी बैंक के समक्ष धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने बैंक प्रबंधन पर रिकवरी के नाम पर प्रताड़ित करने और सुसाइड के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप-
धरना दे रहे अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला उपाध्यक्ष बजरंग बराला और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मृतक विनोद कुमार बैंक ऋण की वसूली को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा घर जाकर मकान सीज करने और जमीन कुर्क करने की धमकियां दी जा रही थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बैंक अधिकारी पेशेवर तरीके से काम करने के बजाय गुंडागर्दी पर उतर आए, जिससे तंग आकर पीड़ित ने आत्मघाती कदम उठाया।
मैनेजर की गिरफ्तारी की मांग-
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बैंक के दबाव का जिक्र किया है। परिजनों की मुख्य मांग है कि बैंक मैनेजर और दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक बैंक के सामने धरना अनवरत जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि इस विरोध प्रदर्शन के चलते बैंक के मुख्य द्वार पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कामकाज भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इधर शाम को एसडीएम डॉ. नरेश सोनी भी धरना स्थल पहुंचे और परिजनों से बात कर समझाइश करने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण और परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी रहा। मौके पर प्रशिक्षु आरपीएस अंबिका, सुलताना सीआई रविंद्र के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।