एसआई से मारपीट और नकली पिस्टल दिखाकर धमकाने वाले आरोपी गिरफ्तार
निसं
जयपुर (नवयत्न)। सिंधी कैंप थाना पुलिस ने रोड रेज की घटना में झालावाड़ में पदस्थापित पुलिस उप निरीक्षक एसआई से मारपीट करने और लाइटर नुमा डमी पिस्टल दिखाकर धमकाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और डमी पिस्टल बरामद की है। आरोपियों ने तेज हॉर्न बजाने और डीपर मारने का विरोध करने पर एसआई से विवाद के बाद मारपीट की थी। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि घटना 4 सितंबर की सुबह 4 बजे पोलो विक्ट्री स्टेशन रोड पर हुई थी। जहां झालावाड़ में पदस्थापित उप निरीक्षक वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार में सवार युवकों के तेज हॉर्न बजाने और डीपर मारने पर एसआई ने आपत्ति जताई। इस बात को लेकर कार सवार युवकों से उनका विवाद हो गया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और डमी पिस्टल दिखाकर डराया.धमकाया। मामले में सिंधी कैंप थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। वहीं इस घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी वंदना नरूला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर वारदात में प्रयुक्त कार और आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने गोविन्द सिंह 30 निवासी चीराना गोठड़ा जिला झुंझुनू हाल झोटवाड़ा जयपुर, सूर्य प्रताप सिंह 31 निवासी गोठड़ा जिला झुंझुनू हाल निवा : रोड जयपुर, गजेन्द्र सिंह 30 निवासी जायल जिला नागौर हाल निवारू रोड जयपुर और वीरेंद्र सिंह 25 निवासी दातारामगढ़ जिला सीकर हाल निवारू रोड जयपुर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और लाइटर नुमा डमी पिस्टल जब्त की है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार चारों आरोपी जयपुर के वैशाली नगर, 22 गोदाम और बनीपार्क स्थित नामी होटल और क्लबों में काम करते हैं। इनमें कुछ आरोपी जनरल मैनेजर और कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार घटना की रात ये सभी होटल से काम खत्म होने के बाद पार्टी कर शहर में घूम रहे थे। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी गोविंद सिंह होटल में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत है। वह दोस्तों के बीच अपनी धाक जमाने के लिए लाइटर नुमा डमी पिस्टल से सिगरेट जलाकर दिखाता था। घटना के दौरान भी इसी डमी पिस्टल का इस्तेमाल कर एसआई को डराया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।