एडीएम ने तालछापर के सेंसिटिव जोन को लेकर की बैठक
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार व जिला कलक्टर चूरू के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर सुजानगढ़ संतोष मीणा की अध्यक्षता में वन्यजीव अभयारण्य ताल छापर के ईको-सेंसेटिव जोन (पारिस्थितिकी) संवेदी क्षेत्र की मॉनिटरिंग के संबंध में बैठक का आयोजन पंचायत समिति स्थित वीसी रूम में किया गया। बैठक में उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा, तहसीलदार गिरधारीलाल पारीक, सहायक वन संरक्षक ताल छापर क्रांतिसिंह, छापर के अधिशाषी अधिकारी भवानी शंकर व्यास, तालछरपर आर ओ उमेश बागोतिया मौजूद रहे। बैठक में एडीएम ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि ताल छापर अभयारण्य के चारों ओर 22.45 वर्ग किमी क्षेत्र इको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है। यह क्षेत्र चाड़वास, देवाणी, रामपुर, सुरवास ग्राम और छापर कस्बे में है। बैठक में बताया गया कि क्षेत्र में कॉमर्शियल माइनिंग प्रदुषण फैलाने वाले उद्योग स्थापित करने, बड़ी जल विधुत परियोजना करने, उत्पादन या प्रसंस्करण ठोस कचरा व बायो मेडिकल वेस्ट, भस्मीकरण, साइट स्थापित करने, पोल्ट्री फॉर्म खोलना, भट्टा, नई आरा मशीन मिल स्थापित आदि को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा से 1 कि.मी. के भीतर या ईको-सेंसेटिव जोन की सीमा तक पर्यावरण पर्यटन के लिए छोटे अस्थायी ढांचे को छोडकर कोई भी नया व्यावसायिक होटल या रिसोर्ट बनाने की अनुमति नहीं होगी। कोई नया व्यावसायिक निर्माण नहीं होगा। वन्यजीव अभयारण्य ताल छापर के ईको-सेंसेटिव जोन (पारिस्थितिकी) संवेदी क्षेत्र के संबंध में अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका छापर व सहायक वन संरक्षक ताल छापर संयुक्त रूप से सूची बनाकर एडवाईजरी जारी करें।