अन्नपूर्णा रसोई पर पांच दिन से ताला, जरूरतमंदों के सामने भोजन का संकट

निसं
खेतड़ी (नवयत्न) । खेतड़ी उपखंड के ग्राम पंचायत नानूवाली बावड़ी स्थित अन्नपूर्णा रसोई पिछले पांच दिनों से बंद पड़ी है। रसोई पर ताला लगने से प्रतिदिन यहां भोजन करने वाले मजदूरों, जरूरतमंदों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर मजदूरी करने वाले कई श्रमिक इसी रसोई पर निर्भर थे, लेकिन रसोई बंद होने से अब उन्हें भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय सैनी ने बताया कि रसोई का पिछले पांच से छह महीने का भुगतान लंबित है। समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण संचालक और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि कर्मचारी कब तक अपनी जेब से खर्च कर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराते रहेंगे। लगातार भुगतान नहीं मिलने के कारण अंततः रसोई का संचालन बंद करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले दो-तीन वर्षों से भी भुगतान में लगातार देरी होती रही है, जिससे संचालकों और कर्मचारियों को बार-बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं निकल सका। अब एक बार फिर भुगतान लंबित रहने से रसोई पर ताला लग गया है। संजय सैनी ने सवाल उठाया कि आखिर ग्राम पंचायत नानूवाली बावड़ी की अन्नपूर्णा रसोई की ओर उच्च अधिकारी ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने लंबित भुगतान शीघ्र जारी कर रसोई का संचालन दोबारा शुरू कराने की मांग की है, ताकि गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को फिर से रियायती दर पर भोजन मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर रसोई को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की यह जनकल्याणकारी योजना तभी सफल होगी, जब समय पर भुगतान हो और इसका संचालन बिना बाधा जारी रह सके। इस संबंध में अन्नपूर्णा रसोई का संचालन करने वाली आपरेटर अंजू सैनी ने बताया कि पिछले चार से भुगतान नहीं हो रहा है। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी व राजिविका के बीपीएम को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया जाता है जबकि भुगतान नहीं होने से सामान भी नहीं ला पा रहे है। हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण हम रसोई का अपने स्तर पर संचालन नहीं कर सकते हैं।

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