महिला आयोग परिसर में आत्महत्या का प्रयास : छत की रेलिंग पर चढ़ी महिला को एडवोकेट ने बचाया
निसं
जयपुर (नवयत्न) । टोंक रोड स्थित गांधी नगर मोड़ पर महिला आयोग परिसर में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पति के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंची एक महिला आत्महत्या करने के इरादे से तीन मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गई। महिला छत की रेलिंग के दूसरी तरफ जाकर कूदने की तैयारी में थी। इसी दौरान एडवोकेट चरणजीत भाटी और फैमिली कोर्ट के कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और सुरक्षित नीचे खींच लिया।
जानकारी के अनुसार महिला के रेलिंग पर चढ़ने की सूचना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। नीचे खड़े लोग उसे पीछे हटने के लिए आवाज लगाते रहे, लेकिन महिला कह रही थी कि कोई उसके पास आया तो वह कूद जाएगी। वह मौके पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, न्यायाधीश और मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग कर रही थी। साथ ही प्रेम विवाह निरस्त करने और न्याय दिलाने की बात कह रही थी।
एडवोकेट चरणजीत भाटी ने बताया कि वह फैमिली कोर्ट में प्रवेश ही कर रहे थे, तभी उनकी नजर छत की रेलिंग पर चढ़ी महिला पर पड़ी। वह तुरंत सीढ़ियों से छत पर पहुंचे। वहां फैमिली कोर्ट और महिला आयोग के तीन-चार कर्मचारी भी पहुंच गए थे। भाटी ने महिला को बातचीत में उलझाया और मौका मिलते ही उसका हाथ पकड़कर दूसरी तरफ खींच लिया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने भी उसे संभालकर सुरक्षित छत पर खींच लिया।
महिला को बचाने के बाद फैमिली कोर्ट प्रथम, द्वितीय और तृतीय के न्यायाधीशों के समक्ष पेश किया गया। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसने प्रेम विवाह किया था। इसके बाद उसके भाई की मौत हो गई, जिसका जिम्मेदार उसका परिवार उसे मानता है। शादी के बाद वह उत्तर प्रदेश चली गई थी। वहां की पुलिस ने उसे जयपुर महिला आयोग में शिकायत करने की सलाह दी थी। शुक्रवार को जब वह महिला आयोग पहुंची तो कार्यालय पर ताला लगा मिला। इससे वह घबरा गई और निराश होकर आत्महत्या के इरादे से छत पर चढ़ गई।
जानकारी के अनुसार महिला सवाई माधोपुर की रहने वाली है। उसने करीब तीन साल पहले कॉलेज से भागकर एक युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। महिला ने पति के खिलाफ ईस्ट महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से वह नाराज थी।
महिला का आरोप है कि पारिवारिक विवाद के चलते वह लंबे समय से परेशान है। 22 अप्रैल 2025 को जब वह अपने पीहर पहुंची तो परिजनों ने भी उसे घर से निकाल दिया। ऐसे में उसके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं बचा था। इसी समस्या को लेकर वह महिला आयोग पहुंची थी।
घटना की सूचना मिलने पर ज्योति नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले गई। बाद में उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। फैमिली कोर्ट ने महिला को ज्योति नगर थाना पुलिस को सौंपते हुए उसकी सुरक्षा और देखभाल के निर्देश दिए।
ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन वर्मा ने बताया कि महिला से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक बातचीत में सामने आया कि उसके पास फिलहाल रहने के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस की ओर से उसके रहने की व्यवस्था करने के साथ काउंसलिंग भी करवाई जा रही है। उसकी सुरक्षा और देखभाल का ध्यान रखा जा रहा है।