भागवत कथा का समापन , भंडारा आज

महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न) । शहर के निकट स्थित श्री पोलादास हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को कृष्ण सुदामा मिलन की कथा का वर्णन बड़े विस्तार से बताया गया। कथा के कृष्ण सुदामा की मिलन में श्रोताओं के सभी के आंखों पानी आ गया भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह रविवार को पूर्णाहुति हवन के साथ हुई । आज सोमवार को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर राज लीलाए सुदामा चरित्र पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा का वाचन देवी रितम कौशिक ने प्रसंग सुनाते हुए ने कहा कि सुदामा का जीवन त्याग, भक्ति और निःस्वार्थ मित्रता का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता ने यह संदेश दिया कि प्रभु भाव के भूखे हैं, धन के नहीं। उन्होंने कहा कि सुदामा के पास भौतिक धन नहीं था, लेकिन प्रभु नाम का अमूल्य धन उनके पास था। उनकी पत्नी श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।मंदिर के पुजारी पूरणदास महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के समापन बाद हवन का आयोजन किया गया ।महाराज ने प्रसादी लिए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। इस मौके पर मालीराम सैनी, उमेश सैनी, शिव सहाय सैनी, राजेंद्र कुमार सैनी, सूरजमल सैनी, फूलचंद सैनी, गोवर्धन लाल, देवी सहाय सैनी,सेडूराम सैनी ,मक्खनलाल सैनी ,किशन स्वामी, मालीराम सैनी सुखदेई,बद्री प्रसाद सैनी, बाबूलाल सैनी ,मुरारी लाल सोनी, रामावतार सैनी, आदि ग्रामीण व शहरवासी श्रोतागण मौजूद थे।महाराज श्री पूर्ण दास जी का 27 मीटर साफा व राम दरबार का फोटो फ्रेम देखकर बनाकर सम्मान किया गया। यह समान ढाणी जयराम कावाली की ओर से दिया गया।

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