एआई से बना रहे थे न्यूज चैनल का फर्जी वीडियो: पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश किया

डी के सैनी

जयपुर (नवयत्न ) । तकनीकी के दुरुपयोग से समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ जयपुर साइबर पुलिस ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने न्यूज चैनल के लोगो और एंकर की आवाज का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) आधारित फर्जी वीडियो बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि 18 अप्रैल को परिवादी सत्यनारायण शर्मा ने मामला दर्ज कराया था कि फेसबुक पर एक एआई जनित रील वायरल की जा रही थी, जिसमें न्यूज चैनल के स्टूडियो बैकग्राउंड और एंकर की आवाज को एडिट कर भ्रामक जानकारी परोसी गई थी। लोग इसे सच मानकर धड़ल्ले से शेयर कर रहे थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. अजय सिंह और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के सुपरविजन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर फर्जी वीडियो के मूल स्रोत की पहचान की। पुलिस ने दबिश देकर इस साजिश में शामिल चार मुख्य किरदार बिलाल खान (27) निवासी भोपाल मध्य प्रदेश,इनाम अहमद (29) निवासी भोपाल मध्य प्रदेश,निखिल प्रजापत (22) निवासी भोपाल मध्य प्रदेश और अमृता धुमाल (37) निवासी पंजाब को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हाई-टेक ,एआई टूल्स का उपयोग कर न्यूज क्लिप्स को एडिट किया। उन्होंने एंकर की आवाज को क्लोन किया और सुनियोजित तरीके से इसे सोशल मीडिया पर वायरल कराया। पुलिस की तकनीकी टीम अब यह पता लगा रही है कि इस वीडियो को बनाने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य क्या था और क्या इसमें कोई बड़ा वित्तीय हित जुड़ा था। इस त्वरित कार्रवाई में साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस अधिकारियों की टीम शामिल रही, जिसमें थानाधिकारी और तकनीकी सहायकों ने एआई जनित वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा कर आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की।

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