युवक की हत्या का मामला, साढ़े पांच घंटे बाद चार सुत्री मांगों पर प्रशासन व ग्रामीणों के बीच बनी सहमती

पत्थर डाल कर जाम लगा कर विरोध प्रदर्शन

निसं

खेतड़ी /सिंघाना (नवयत्न ) । थाना क्षेत्र के ईश्कपुरा गांव में शुक्रवार शाम को एक युवक की हुई हत्या के मामले ने शनिवार को तुल पकड़ते हुए परिजनों ने साढे पांच घंटे तक केसीसी अस्पताल की मोर्चरी के सामने धरना प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे साथ ही मृतक के परिजनों को बीस लाख रूपए की सहायता, एक को सरकारी नौकरी व मृतक के परिजनों व गवाहों की सुरक्षा की मांग करने लगे। मांग पुरी नही होने तक शव का पोस्टमार्टम नही करवाने पर अड़े रहे और विरोध प्रदर्शन करने लगे। विरोध प्रदर्शन की सूचना पर बुहाना डीएसपी नोकाराम भाकर, सिंघाना सीआई सुगनसिंह, खेतड़ी नगर सीआई राकेश कुमार, खेतड़ी सीआई मोहन लाल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। डीएसपी नोकाराम भाकर ने ग्रामीणों व परिजनों से मांग लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया। करीब साढे पांच घंटे बाद पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच चार मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हुए। पुलिस ने मेडिकल बार्ड से पोसटमार्टम करवा कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

 

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि मृतक मुकेश कुमार अपने परिवार का इकलौता सहारा था। बदमाशों की गोली का शिकार होने से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ सा टूट गया है। मृतक मुकेश कुमार की मां बिमार रहती है तथा घर में दो बहनों का मृतक मुकेश ही सहारा था। पूर्व उपप्रधान अमरसिंह ने बताया कि क्षेत्र में कानून का राज पूरी तरह से खत्म हो गया है। खेतड़ीनगर में हुए डबल मर्डर का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है तथा देर शाम हुई फायरिंग के आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे हैं। पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से बदमाशों के हौंसले बुलंद हो रहे है तथा अपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही है। गौरतलब है कि डूमोली कलां निवासी मुकेश कुमार उर्फ टिंकू (23) पुत्र रामनिवास शुक्रवार शाम को वह अपने दोस्त योगेश के पास ईश्कपुरा गांव गया था, करीब पांच बजे

बाइक सवार बदमाश विजय कुमार व उसके दोस्तों ने मृतक मुकेश को रास्ते में रोक कर उसके सीने में गोली मारी। आरोपी मौके से फरार होते समय शिव मंदिर के पास बैठे योगेश पर भी फायर किया लेकिन गोली साईड से निकल जाने से वह बाल-बाल बच गया। जिसके चलते ग्रामीण शनिवार सुबह आठ बजे से ही केसीसी अस्पताल में जमा होकर चार सुत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे, पुलिस प्रशासन ने द्वारा कोई उचित कार्यवही नही करने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने भैरू घाटी मंदिर के पास एनएच मुख्य मार्ग पर पत्थर डाल कर करीब दस मिनट तक जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच कर समझाईश कर जाम खुलवा दिया लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को एक घंटे का समय देते हुए मांगों पर कार्यवाही करने की बात कही। एक घंटे में मांग पुरी नही होने पर सड़क राम कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। सुरजगढ एसडीएम दीपक चंदन मौके पर पहुंच कर उच्च अधिकारियों को ग्रामीणों की मांगों से अवगत करवाया। सांढे पांच घंटे बाद एसडीएम दीपक चंदन, बुहाना डीएसपी नोपाराम भाकर, तहसीलदार बजरंग सिंह जाखड़, नायब तहसीलदार सत्यनारायण सैन पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीण, परिजन एवं जन प्रतिनिधियों पूर्व उपप्रधान अमरसिंह गुर्जर, नौरंग डांगी, जगदीश गुर्जर, सुभाष तातीजा, पूर्व सरपंच बीरबल खरकड़ा को उक्त मांगों पर सहमती जताई। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की चार मांगें थी जिनमें से मृतक के परिजनों को बीस लाख रूपए का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, आरोपीयों की गिरफ्तारी एवं परिजनों व गवाहों की सुरक्षा की मांग की गई थी, इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है नियमानुसार मुआवजा व संविदा पर नौकरी का आश्वासन दिया, डीएसपी नोपाराम भाकर ने बताया कि 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएंगा साथ ही मृतक के परिजनों व गवाहों को सुरक्षा मुहैया करवा दी जाएंगी। उक्त मांगों पर करीब साढ़े पांच घंटे बाद सहमति बनी लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को चेतावनी दी की अगर आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार नही हुआ तो मुख्य मार्ग जाम कर आंदोलन किया जाएंगा जिसका जिम्मेदार स्वयं पुलिस प्रशासन होगा। सहमति बनने के बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।

एनएच रास्ता किया जाम

चार घंटे तक मृतक मुकेश के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर व अन्य मांगों पर चांर घंटे तक कोई कार्यवही नही होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बारह बजे भैरू घाटी मंदिर के पास एनएच मुख्य सड़क पर पत्थर डाल कर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर तुरंत मौके पर पुलिस पहुंच कर ग्रामीणों को समझाईश कर जाम खुलवाया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को एक घंटे का समय दिया, एक घंटे में मांगों पर कोई कार्यवाही नही हुई तो सड़क जाम कर आंदोलन तेज किया जाएंगा। दस मिनट के जाम में ही सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

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