माकड़ी फाटक से सिरोही नदी तक फोरलेन सड़क में घोर भेदभाव

हरीश देवंदा
नीमकाथाना (नवययन) । कस्बा नीमकाथाना में सीआरआईएफ योजना के तहत बन रही 22 करोड़ रुपये की शाहपुरा-चिड़ावा फोरलेन सड़क (स्टेट हाइवे 13) में साफ-साफ भेदभाव का खुलासा करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) तहसील कमेटी ने उपखंड अधिकारी नीमकाथाना के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि खेतड़ी मोड़ से आरओबी तक शहर के बीच वाले हिस्से में गरीब, दलित और मजदूर वर्ग के लोगों पर अतिक्रमण हटाने का बेरहम दबाव बनाया जा रहा है, जबकि अमीरों, राजनीतिक पहुंच वाले लोगों और भूमाफियाओं के पक्के कब्जे पर प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और नगरपालिका आँखें मूंदे बैठी हैं।
ज्ञापन में पार्टी ने साफ कहा “2022-23 में 22 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। 15 अक्टूबर 2023 को काम शुरू हुआ। 6 मार्च 2025 को 181 पेड़ काटे गए। ढाई साल बाद भी सड़क अटकी पड़ी है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) तहसील कमेटी ने सीधा आरोप लगाया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरपालिका और प्रशासन भूमाफियाओं व कॉम्प्लेक्स मालिकों से मिलीभगत कर सड़क चैड़ीकरण को जानबूझकर रोक रहे हैं।
पार्टी की ने दी चेतावनी
“अगर सड़क चैड़ाई में यह भेदभाव जारी रहा तो भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। पीड़ितों के साथ दोहरा व्यवहार हुआ तो हम जन आंदोलन छेड़ देंगे। इसका पूरा जिम्मेदार सरकार और स्थानीय प्रशासन होगा।” ज्ञापन के जरिये मांग की सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का भेदभाव तुरंत बंद हो। सभी अतिक्रमण बिना भेदभाव के हटाए जाएं। सड़क की निर्धारित 80 फुट चैड़ाई बहाल की जाए।
ज्ञापन पर तहसील सचिव कामरेड गोपाल सैनी, एडवोेकेट हरिसिंह सैनी, कामरेड रोशनलाल गुर्जर, रामनिवास सैनी, अजय ढिलाण समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए।
स्थानीय स्तर पर गुस्सा चरम पर
सड़क निर्माण में हो रहे इस घोर भेदभाव को लेकर आमजन में भारी नाराजगी है। लोग खुलकर कह रहे हैं गरीबों का घर-दुकान तोड़कर सड़क बनाई जा रही है, जबकि बड़े-बड़े अतिक्रमण बचे हुए हैं।

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