खेतड़ी में राजा अजीत सिंह स्मृति भक्त निवास का उद्घाटन, स्वामी विवेकानंद से मित्रता को किया याद

निसं
खेतड़ी (नवयत्न)। रामकृष्ण मिशन आश्रम खेतड़ी में सोमवार को राजा अजीत सिंह स्मृति भक्त निवास के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन बेलूर मठ के उपाध्यक्ष स्वामी सुहितानंद महाराज रहे, जबकि अध्यक्षता मिशन सचिव स्वामी आत्मनिष्ठानंद महाराज ने की। समारोह में स्वामी सुहितानंद महाराज और स्वामी सर्वलोकानंद महाराज ने फीता काटकर अजीत सिंह स्मृति भक्त निवास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स की सीएसआर योजना के तहत स्थापित 40 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर केसीसी के कार्यकारी निदेशक पुरुषोत्तम दास बोहरा मौजूद रहे। स्वामी सुहितानंद महाराज ने कहा कि भक्त निवास दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा और खेतड़ी की आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान देगा। उन्होंने राजा अजीत सिंह और स्वामी विवेकानंद की मित्रता को याद करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को शिकागो भेजने में राजा अजीत सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहाए जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
श्रद्धा और विश्वास से बना भक्त निवास
मिशन सचिव स्वामी आत्मनिष्ठानंद महाराज ने भवन निर्माण में सहयोग करने वाले भामाशाहों, दानदाताओं, सहयोगियों और श्रमिकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट और पत्थरों से नहीं, बल्कि लोगों की श्रद्धा और विश्वास से तैयार हुआ है। इस दौरान हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, एसएमएस लिमिटेड, मोदी फाउंडेशन, नीता बसु, अमिताभ भट्टाचार्य, बख्शीराम और कालीचरण सहित सहयोग करने वाले भामाशाहों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्वामी आत्मनिष्ठानंद महाराज ने कहा कि खेतड़ी का संबंध केवल एक नगर से नहीं, बल्कि एक गौरवशाली इतिहास से है। राजा अजीत सिंह ने स्वामी विवेकानंद को पहचानकर उन्हें शिकागो भेजने में सहयोग दिया और विश्व पटल पर भारत का नाम ऊंचा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी स्मृति में बना यह भक्त निवास उसी ऐतिहासिक संबंध को नमन है। कार्यक्रम में स्वामी योगयुक्तानंद, स्वामी सुभंगानंद, स्वामी प्रशांतानंद, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सर्वलोकानंद, स्वामी शांतिधनानंद, स्वामी जगदीशानंद, स्वामी त्यागमयानंद, स्वामी गुरुकृपानंद, स्वामी भित्तिहरानंद, मुरारीसानंद, ब्रह्मचारी ब्रह्म चैतन्य, डॉ सतीश तंवर, बक्शीराम सोनगरा, पवन पालीवाल, त्रिलोक जोधपुरिया, ग्यारसी लाल, रोशन लाल सैनी, कृष्ण कुमार और बजरंग लाल वर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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