अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात लांस हवलदार सुरेश कुमार गेनण शहीद, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
प्रदीप कुमार सैनी
दांतारामगढ़ (नवयत्न) । ग्राम पंचायत राजपुरा-नोसाल के राजस्व गांव हरिपुरा के वीर सपूत लांस हवलदार सुरेश कुमार गेनण का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे पंजाब के पठानकोट में भारतीय सेना की 3 जाट रेजिमेंट में तैनात थे। सैन्य अधिकारियों ने उनके निधन को बैटल कैजुअल्टी घोषित किया है। बताया गया कि वे अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का हिस्सा थे। शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
गुरुवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हरिपुरा पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई और भारतीय सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। शहीद के 9 वर्षीय पुत्र पीयूष ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
शहीद के पिता जगदीश गेनण ने बताया कि सुरेश कुमार वर्ष 2011 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। शहादत से करीब 20 मिनट पहले ही उनकी मोबाइल पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान सुरेश ने जल्द छुट्टी लेकर घर आने का भरोसा दिलाया था। परिवार उनके स्वागत की तैयारियां कर रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उनके शहीद होने की सूचना मिल गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
शहीद अपने पीछे पत्नी सीमा देवी, 9 वर्षीय पुत्र पीयूष तथा माता-पिता को छोड़ गए हैं। शहीद की मां आची देवी, पत्नी सीमा देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने से पूर्व खाचरियावास पुलिस चौकी से हरिपुरा तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण, युवा, पूर्व सैनिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। शहीद अमर रहे नारे लगाये,पूरे मार्ग पर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।
इस दौरान अंतिम संस्कार में सीकर सांसद अमराराम, दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह, भाजपा नेता गजानंद कुमावत, उपखंड अधिकारी अमृता खंडेलवाल, तहसीलदार शैलेजा शेखावत, सरपंच कमलेश देवत, सरपंच हनुमान प्रसाद झाझड़ा, प्रभु सिंह गोगावास, पी.डी. कुमावत, प्रशासनिक एवं सैन्य अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।