राजस्थान में मानसूनी बारिश 21% बढ़ी, लेकिन बढ़ी जलवायु परिवर्तनशीलता और गर्मी: सीईईडब्ल्यू
निसं
जयपुर (नवयत्न)। क्लाइमेट थिंक टैंक काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) ने बुधवार को जयपुर में आयोजित राउंडटेबल में अपने एआई आधारित क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म क्रेविस एआई के जरिए बताया कि राजस्थान में 1981-2010 की तुलना में 2011-2024 के दौरान औसत मानसूनी बारिश में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही गर्मी और जलवायु परिवर्तनशीलता भी बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में औसत मौसमी वर्षा 471 मिमी से बढ़कर 598 मिमी हुई है, हालांकि 2051-2070 तक इसके 569 मिमी रहने का अनुमान है। वहीं 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले दिनों की संख्या 2031-2050 तक बढ़कर 176 दिन और 2051-2070 तक 185 दिन प्रतिवर्ष पहुंच सकती है। रात के समय गर्मी भी तेजी से बढ़ने की आशंका जताई गई है।
सीईईडब्ल्यू ने बताया कि क्रेविस एआई पिछले 40 वर्षों के जलवायु आंकड़ों और वर्ष 2070 तक के अनुमानों के आधार पर जिला स्तर पर 279 संकेतकों का विश्लेषण करता है। प्लेटफॉर्म भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), आईआईटीएम पुणे, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण सहित कई संस्थानों के विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित है और जलवायु जोखिम, आपदा प्रबंधन तथा नीति निर्माण में उपयोगी साबित होगा।
सीईईडब्ल्यू के फेलो डॉ. विश्वास चितले ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों और अन्य हितधारकों को स्थानीय स्तर पर जलवायु आधारित निर्णय लेने और हीट एक्शन प्लान, बुनियादी ढांचे तथा आपदा प्रबंधन की बेहतर रणनीति बनाने में मदद करेगा।