तीन माह से वेतन के इंतजार में नगरपालिका कार्यालय कर्मचारी
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न)। नगरपालिका के कार्यालय कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, नगरपालिका में कार्यरत लगभग 20 कार्यालय कर्मचारी पिछले तीन महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि करीब 225 सफाई कर्मचारियों को हर माह नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया जा रहा है। कार्यालय कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यकताओं और दैनिक खर्चों की व्यवस्था करना उनके लिए चुनौती बन गया है।
ईएमआई और बैंक किस्तों का संकट
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं आने के कारण बैंकों से लिए गए ऋणों की मासिक ईएमआई समय पर जमा नहीं हो पा रही है। इसके चलते बैंक लगातार फोन कर रहे हैं और नोटिस भेज रहे हैं। साथ ही, समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों का क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर) भी प्रभावित हो रहा है, जिससे भविष्य में ऋण प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।
एलआईसी पॉलिसियां भी हो रहीं प्रभावित
वेतन से कटने वाली एलआईसी प्रीमियम की किस्तें भी पिछले तीन माह से जमा नहीं हो पा रही हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों का जोखिम कवर प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी अप्रिय घटना की स्थिति बनती है तो परिवार आर्थिक सुरक्षा से वंचित हो सकता है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
वर्तमान में नगरपालिका में प्रशासक के रूप में उपखंड अधिकारी की व्यवस्था है, लेकिन उपखंड अधिकारी के स्थानांतरण के बाद तहसीलदार को प्रशासनिक शक्तियां सौंपी गई हैं। कर्मचारियों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते निर्णय नहीं होने के कारण कार्यालय कर्मचारियों का वेतन भुगतान अटका हुआ है।
सफाई कर्मचारियों का भुगतान नियमित
सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका को प्रतिमाह लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये वेतन मद में खर्च करने पड़ते हैं। इनमें से करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये सफाई कर्मचारियों के वेतन के रूप में नियमित भुगतान किए जा रहे हैं, जबकि कार्यालय कर्मचारियों के वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
कर्मचारियों की मांग
कार्यालय कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित तीन माह का वेतन शीघ्र जारी किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और बैंक ऋण, एलआईसी प्रीमियम सहित अन्य वित्तीय दायित्वों का समय पर निर्वहन कर सकें। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में समय पर वेतन मिलना उनका अधिकार है।