न्यूरो सर्जरी से मिली राहत, ढूकिया हॉस्पिटल में युवक का सफल इलाज
संजय सोनी
झुंझुनू (नवयत्न) । जिले के नारी निवासी 25 वर्षीय युवक अनूप को अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी और चलने में परेशानी होने पर परिजनों ने उसे तुरंत ढूकिया हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच सकी।
न्यूरो सर्जन डॉ. जोगेंद्र सिंह झाझड़िया ने जांच के बाद युवक को हाइड्रोकेफेलस से पीड़ित बताया। उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग के अंदर सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड सामान्य से अधिक मात्रा में जमा हो जाता है, जिससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ जाता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है।
डॉ. झाझड़िया के अनुसार, हाइड्रोकेफेलस बच्चों और बड़ों दोनों में हो सकता है, हालांकि नवजात एवं छोटे बच्चों में यह अधिक पाया जाता है। इसकी जांच छोटे बच्चों में अल्ट्रासाउंड तथा अन्य मरीजों में सीटी स्कैन और एमआरआई के माध्यम से की जाती है। उपचार के रूप में सर्जरी की जाती है, जिसमें अतिरिक्त तरल को निकालने के लिए शंट लगाया जाता है। कुछ मामलों में एंडोस्कोपिक थर्ड वेंट्रिकुलोस्टॉमी सर्जरी भी की जाती है।
हॉस्पिटल निदेशक डॉ. मोनिका ढूकिया ने बताया कि अस्पताल में न्यूरो, गैस्ट्रो एवं लिवर, यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सहित विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, ईआरसीपी जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि ईसीएचएस, ईएसआईसी, आरजीएचएस एवं माँ योजना के अंतर्गत कैशलेस उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे आमजन को उच्च स्तरीय इलाज किफायती दरों पर मिल रहा है। अस्पताल में 32 स्लाइस सीटी स्कैन एवं एडवांस कलर डॉपलर सोनोग्राफी की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।