मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नर्सिंग विद्यार्थियों को किया जागरूक
हर्ष सोनी
झुंझुनूं (नवयत्न)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में मंगलवार को बीडीके अस्पताल स्थित बीएससी नर्सिंग कॉलेज में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में आयोजित शिविर में नर्सिंग विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं के साथ नि:शुल्क विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। भागदौड़ भरी जिंदगी और तनावपूर्ण माहौल में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर समस्या बन सकती है। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के तहत मानसिक बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को गरिमापूर्ण जीवन, गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों का स्वयं मानसिक रूप से सशक्त होना और मरीजों की मानसिक स्थिति को संवेदनशीलता के साथ समझना जरूरी है। शिविर में नशामुक्ति और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों को योग, ध्यान और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के साथ कार्यस्थल के दबाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए। इस दौरान नालसा की ‘मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजनाÓ के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों को नि:शुल्क विधिक सहायता, परामर्श, अधिवक्ता सेवाएं एवं पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम में नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 सहित विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।